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Shimla News: लक्कड़ बाजार से तहबाजारियों को हटाने की मांग पर अड़े कारोबारी
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नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल
बोले, 504 से बढ़कर 15 सौ कैसे हो गए तहबाजारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लक्कड़ बाजार के कुछ कारोबारी तहबाजारियों को हटाने की मांग पर अड़ गए हैं। नगर निगम की कार्रवाई पर कारोबारियों ने सवाल उठाए हैं। कारोबारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक सितंबर को अनशन करने का एलान किया है।
स्ट्रीट वेंडर्स कमेटी ने आठ जुलाई 2025 को फैसला लिया। इसके अनुसार अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के 50 मीटर के दायरे में तहबाजारियों को न बैठने के लिए सख्त नियम लागू करने को कहा। इन कारोबारियों ने मांग की है कि नगर निगम बाजार से तहबाजारियों को हटाए और स्कूल के गेट को खाली करवाए। वर्ष 2017 में तहबाजारियों की संख्या 504 होने के बाद निगम को यह स्पष्ट करना होगा कि अब इनकी संख्या 15 सौ कैसे हो गई? ऑकलैंड टनल बाजार के साथ जो तहबाजारी जोन बनना था वह क्यों नहीं बना? एमएचआरडी, एनसीपीसीआर और सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के तहत स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए दो गेट बनाए जाने की व्यवस्था को डीएवी लक्कड़ बाजार में क्यों लागू नहीं किया गया? एक गेट अभी भी तहबाजारियों के बैठने के कारण क्यों बंद है? इन कारोबारियों ने मांग की है कि नगर निगम बाजार से तहबाजारियों को हटाए और स्कूल के गेट को खाली करवाए।
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बोले, 504 से बढ़कर 15 सौ कैसे हो गए तहबाजारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लक्कड़ बाजार के कुछ कारोबारी तहबाजारियों को हटाने की मांग पर अड़ गए हैं। नगर निगम की कार्रवाई पर कारोबारियों ने सवाल उठाए हैं। कारोबारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक सितंबर को अनशन करने का एलान किया है।
स्ट्रीट वेंडर्स कमेटी ने आठ जुलाई 2025 को फैसला लिया। इसके अनुसार अस्पताल, स्कूल और कॉलेज के 50 मीटर के दायरे में तहबाजारियों को न बैठने के लिए सख्त नियम लागू करने को कहा। इन कारोबारियों ने मांग की है कि नगर निगम बाजार से तहबाजारियों को हटाए और स्कूल के गेट को खाली करवाए। वर्ष 2017 में तहबाजारियों की संख्या 504 होने के बाद निगम को यह स्पष्ट करना होगा कि अब इनकी संख्या 15 सौ कैसे हो गई? ऑकलैंड टनल बाजार के साथ जो तहबाजारी जोन बनना था वह क्यों नहीं बना? एमएचआरडी, एनसीपीसीआर और सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के तहत स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए दो गेट बनाए जाने की व्यवस्था को डीएवी लक्कड़ बाजार में क्यों लागू नहीं किया गया? एक गेट अभी भी तहबाजारियों के बैठने के कारण क्यों बंद है? इन कारोबारियों ने मांग की है कि नगर निगम बाजार से तहबाजारियों को हटाए और स्कूल के गेट को खाली करवाए।
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