आज सोच समझकर ही घर से निकलें, हड़ताल से हो सकती है परेशानी
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देश की 10 ट्रेड यूनियनों और फेडरेशनों के आह्वान पर शुक्रवार को हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन, जनसभाएं और चक्का जाम किए जाएंगे। इस देशव्यापी हड़ताल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड-डे मिल वर्कर, औैद्योगिक कर्मचारी शामिल होंगे।
साथ ही होटल कर्मी, बिजली प्रोजेक्ट कर्मी, निर्माण कर्मी, असंगठित क्षेत्र कर्मी, रेहड़ी फड़ी, अस्पताल कर्मी, कारोबारी और निजी ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोग शामिल होंगे। हालांकि, कुछ जिलों में व्यापार मंडल ने दुकानें खुली रखने का एलान किया है।
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को मिड डे मील की वैकल्पिक व्यवस्था के आदेश दिए हैं। राजधानी शिमला में ओल्ड बस स्टैंड से सचिवालय तक ट्रेड यूनियनें रैली निकालेंगी। छोटा शिमला में जनसभा की जाएगी। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हल्ला बोला जाएगा।
सड़कों पर उतरेंगे लाखों कर्मचारी
ट्रेड यूनियनों सहित विभिन्न फेडरेशन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी यूनियनें भी हड़ताल में शामिल होंगी। व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी प्रदर्शनकारी बंद करवाने का प्रयास करेंगे। सीटू के राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा ने कहा कि श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी परिवर्तन कर मजदूरों का गला घोंटा जा रहा है।
बीमा, बैंक, बीएसएनएल और अन्य सामाजिक उपक्रमों को बेचने की कवायद कर लाखों कर्मचारियों के हक छीने जा रहे हैं। उत्तरीय क्षेत्र बीमा कर्मचारी संघ के मंडलीय सचिव देवीदास ने बताया कि निजीकरण के विरोध में हजारों बीमा कर्मी शुक्रवार को सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे। हड़ताल का हिमाचल किसान सभा ने भी समर्थन किया है।