फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   tourist destinations: Traffic load increases on Shimla's roads; vehicle movement slows to a crawl during peak

पर्यटनों स्थलों का हाल: शिमला की सड़कों पर बढ़ा भार, पीक ऑवर्स में थम जाती है वाहनों की रफ्तार

Sat, 20 Jun 2026 12:52 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 20 Jun 2026 12:52 PM IST
सार

शिमला शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले सर्कुलर रोड और अन्य मुख्य सड़कों पर पीक ऑवर्स में वाहनों का बोझ इतना बढ़ गया है कि पूरा शिमला जाम के जाल में फंस जाता है।

विज्ञापन
tourist destinations: Traffic load increases on Shimla's roads; vehicle movement slows to a crawl during peak
शिमला की सड़कों पर बढ़ा भार, पीक ऑवर्स में थम जाती है वाहनों की रफ्तार। - फोटो : संवाद

विस्तार

ऐतिहासिक शहर और प्रदेश की राजधानी शिमला में बढ़ रही भीड़ के कारण पीक ऑवर्स में जिंदगी रेंगती नजर आती है। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले सर्कुलर रोड और अन्य मुख्य सड़कों पर पीक ऑवर्स में वाहनों का बोझ इतना बढ़ गया है कि पूरा शिमला जाम के जाल में फंस जाता है। इसकी मुख्य वजह शिमला शहर का एजुकेशन हब के रूप में विकसित होना और सर्कुलर सड़क के आसपास ही सचिवालय सहित अधिकतर विभागों के निदेशालयों तथा मुख्यालयों का होना है। सड़क के आसपास आईजीएमसी, दीनदयाल उपाध्याय क्षेत्रीय अस्पताल (रिपन) और मातृ एवं शिशु अस्पताल कमला नेहरू (केएनएच) जैसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान हैं। सड़कों और अन्य सुविधाओं का विस्तार इस हिसाब से नहीं हुआ कि वह वाहनों का दवाब झेल सके। इस वजह से हर रोज जाम लोगों को परेशान करता है।

विज्ञापन

शिमला शहर के 10 किलोमीटर के दायरे में दो दर्जन से अधिक नामी स्कूल, बड़े उच्च शिक्षण संस्थान, कॉलेज और प्रोफेशनल संस्थान मौजूद हैं। स्कूलों के सर्कुलर सड़क पर स्थित होने और इन स्कूलों के पास अपनी पार्किंग की सुविधा न होने से रोज वाहनों का लंबा जाम लगता है। सरकारी कार्यालयों में रोजाना सफर करने वाले हजारों कर्मचारियों की गाड़ियों, अस्पतालों में आने वाले मरीजों के वाहनों के अलावा निजी तथा सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं के लिए चलने वाली टैक्सियों और बसों के कारण सर्कुलर सड़क पर ट्रैफिक का बोझ दो दशकों में कई गुना बढ़ गया है। राजधानी होने के कारण सरकारी कार्यालयों के निदेशालय भी शिमला में हैं। इसमें सैकड़ों कर्मचारी आवाजाही करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

10 किमी के दायरे में कई बड़े स्कूल-कॉलेज

राजधानी शिमला के 10 किलोमीटर के दायरे में कई नामी स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान हैं। इनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों का सर्कुलर सड़क और शहर की मुख्य सड़कों से ही आना-जाना होता है। सर्कुलर रोड के आसपास 11 सरकारी और निजी स्कूल हैं। इनमें लोरेटो कॉन्वेंट ताराहॉल, सेंट एडवर्ड, कॉन्वेंट ऑफ जीजस एंड मैरी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी, एसडी सीनियर सेकेंडरी, दयानंद पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय जाखू, आर्य समाज स्कूल, सेंट थॉमस, पोर्टमोर गर्ल्स स्कूल, संजौली गवर्नमेंट स्कूल और मोनाल पब्लिक स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या न्यूनतम 500 से लेकर अधिकतम 3,000 तक है। सर्कुलर सड़क के किनारे स्थित बड़े उच्च शिक्षण संस्थानों में आरकेएमवी, सेंट बेड्स, राजीव गांधी महाविद्यालय चौड़ा मैदान शामिल है। इसके अलावा एचपीयू, संजौली कॉलेज, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इवनिंग स्टडीज जैसे बड़े शिक्षण संस्थान भी शिमला में हैं। हर संस्थान में दो हजार से अधिक विद्यार्थी हैं।

विज्ञापन

पीक ऑवर्स में बेकाबू हो जाती है वाहनों की संख्या

सुबह 8:00 से 10:30 बजे तक और दोपहर बाद 3:00 से शाम 5:30 बजे तक सर्कुलर सड़क पर वाहनों की संख्या बेतहाशा बढ़ जाती है, जो शहर में मुख्य रूप से जाम का कारण बनती है। इन पीक ऑवर्स में ही स्कूली विद्यार्थियों के लिए परिवहन निगम की 38 चार्टर्ड बसों के अलावा सैकड़ों निजी स्कूल टैक्सियां, बसें और सरकारी कर्मचारियों के निजी वाहन एक साथ सड़कों पर निकलते हैं। इस वजह से पूरी राजधानी में चक्का जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed