दिल्ली के प्रदूषण से बचने के लिए पर्यटकों ने किया हिमाचल का रुख, कारोबारी गदगद
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देश की राजधानी दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी प्रदूषण की मात्रा से बचने के लिए पर्यटक कुल्लू-मनाली का रुख करने लगे हैं। मनाली और मणिकर्ण आदि पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार हो गए हैं।
मनाली के मालरोड पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ने से पर्यटन कारोबार से जुड़े कारोबारी भी गदगद हैं। दिल्ली सहित उत्तर भारत के अन्य शहरों की हवा बीमार करने वाली हो गई है। इससे बचने के लिए पर्यटक पहाड़ों का रुख कर रहे हैं।
इससे कुल्लू-मनाली के पर्यटन स्थलों में सैलानियों की आमद में एकाएक वृद्धि हो गई है। इससे कुल्लू-मनाली के होटलों की ऑक्यूपेंसी भी दस फीसदी से बढ़कर अब 35 से 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के चेहरों पर रौनक आ गई है।
उधर, मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि प्रदेश में 14 से 19 नवंबर तक मौसम खराब रहेगा, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। ऐसे में बर्फ का दीदार करने के लिए भी सैलानी कुल्लू-मनाली आ रहे हैं।
यहां पहुंच रहे देश-विदेश के पर्यटक
जिला कुल्लू के अलावा मनाली, मणिकर्ण और कसोल में देश-विदेश के पर्यटक पहुंच रहे हैं। विंटर सीजन में पर्यटन से जुड़े हजारों कारोबारियों को कारोबार में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जगी है।
मनाली के पर्यटन व्यवसायी चंद्रसेन ठाकुर कहते हैं कि दिल्ली में इन दिनों बढ़े प्रदूषण से लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है। वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के चलते पर्यटक पहाड़ों की तरफ आ रहे हैं। इन दिनों शादियों का सीजन भी चला हुआ है।
इधर, मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि नए कपल कुल्लू-मनाली की हसीन वादियां में हनीमून मनाने के लिए काफी संख्या में आ रहे हैं।
इसके अलावा देसी-विदेशी पर्यटक भी पहुंचने लगे हैं। पिछले एक दो दिन में मनाली में होटल की ऑक्यूपेंसी 40 फीसदी तक पहुंच गई है। बर्फबारी होने से सैलानियों की आमद में और बढ़ोतरी होगी।