पर्यटन: वीकेंड पर धर्मशाला-मैक्लोडगंज के होटलों में 65 फीसदी ऑक्यूपेंसी
शुक्रवार और शनिवार को भी वीकेंड पर पर्यटन नगरी धर्मशाला और मैक्लोडगंज के होटलों में ऑक्यूपेंसी 65 प्रतिशत कर पहुंच गई है।
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कोरोना की दूसरी लहर थमते ही जिले में पर्यटन कारोबार अब धीरे-धीरे पटरी पर आने लगा है। लगातार तीसरे वीकेंड पर होटलों में ऑक्यूपेंसी अच्छी रही है, जिससे पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के चेहरों पर खुशी की लहर छाने लगी है। शुक्रवार और शनिवार को भी वीकेंड पर पर्यटन नगरी धर्मशाला और मैक्लोडगंज के होटलों में ऑक्यूपेंसी 65 प्रतिशत कर पहुंच गई है। बढ़ती गर्मी से साथ-साथ अब बाहरी राज्यों और गर्म इलाकों से पर्यटक पहाड़ों की ओर रवाना हो रहे हैं। लंबे समय से कोरोना की मार झेल रहे कारोबारियों ने अब राहत की सांस ली है और हर कारोबारी अपने नुकसान की भरपाई करने में जुट गया है। हालांकि, अधिक भीड़ से कोरोना वायरस के फैसले का खतरा भी बना हुआ है। बता दें कि पिछले दो वीकेंड पर भी धर्मशाला और मैक्लोडगंज में पर्यटकों की चहल पहल रही थी, जिस कारण सभी होटल भी पूरी तरह से पैक थे।
वहीं, पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से टैक्सी चालकों का काम भी पटरी पर आने लगा है। रोजाना सैकड़ों टैक्सियां पर्यटकों को धर्मशाला से मैक्लोडगंज पहुंचा रही हैं। उधर, होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्विनी बांबा ने बताया कि इस वीकेंड ऑक्यूपेंसी 65 से 70 प्रतिशत तक रही है। वहीं, पिछले दो वीकेंड पर ऑक्यूपेंसी 95 प्रतिशत से अधिक ही रही थी। उन्होंने बताया कि अभी भी पर्यटकों को होटलों में छूट दी जा रही है। ट्रैवल एजेंट प्रेम सागर ने कहा कि धर्मशाला में वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है क्योंकि राज्य ने कोविड-19 प्रतिबंधों में ढील दी है । एक साल से भी अधिक समय से होटल खाली थे लेकिन अब हिमाचल पर्यटकों से भरा हुआ है। हमें वायरस के फैलने का डर है। ऐसे में मास्क और दो गज की दूरी जरूरी है।