पुलिस छावनी बना परवाणू, तीन रिजर्व बटालियन तैनात
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इंटक प्रदेशाध्यक्ष हरदीप बावा पर हुए जानलेवा हमले के बाद बुधवार को परवाणू पुलिस छावनी में बदल गया है। परवाणू में चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने धारा-144 के उल्लंघन को रोकने के लिए तीन रिजर्व बटालियन परवाणू में लगाई हैं।
इनमें करीब 100 पुलिस कर्मचारी शामिल हैं। परवाणू में बुधवार को पुलिस कर्मचारी अलग-अलग जगह गश्त करते रहे। पुलिस ने ट्रक ऑपरेटर व बावा समर्थकों को जुटने नहीं दिया। पुलिस आगामी दो महीने तक परवाणू में दिन रात गश्त करेगी।
गौरतलब है कि बावा हरदीप सिंह पर हुए जानलेवा हमले के बाद परवाणू में सुरक्षा प्रबंध पुख्ता किए गए हैं। प्रशासन ने मंगलवार को धारा-144 लगाने का एलान किया था। इससे पहले बावा समर्थक व इंटक कार्यकर्ताओं ने तीन अक्तूबर से आंदोलन की धमकी दी थी।
सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद है पुलिस : डीएसपी
बुधवार को भारी पुलिस बल ने कोई अनहोनी नहीं होने दी। पूरा दिन परवाणू में माहौल शांत बना रहा। लेकिन परवाणू में माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है। मामला भाजपा व कांग्रेस के बीच की कड़ी बन गया है। इससे आने वाले दिनों में तनाव के और अधिक बढ़ने की संभावनाएं हैं।
इस बीच पीजीआई में दाखिल बावा हरदीप सिंह की हालत में भी सुधार हुआ है। डीएसपी अजय राणा ने बताया कि परवाणू में धारा 144 का उल्लंघन न हो सके, इसलिए यहां पर अतिरिक्त पुलिस बल की तीन टुकड़ियों के करीब 100 जवानों की तैनाती की गई है।
पुलिस का बंदोबस्त चप्पे-चप्पे पर किया गया है। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति धारा-144 का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामला शांत होने तक किसी भी संगठन को भीड़ एकत्र नहीं करने दी जाएगी।
इंटक नेता हरदीप पर हमले की निंदा
संयुक्त ट्रेड यूनियन नेताओं की बैठक सीताराम सैणी की अध्यक्षता में हुई। इसमें इंटक नेता बावा हरदीप पर हमले की कड़ी निंदा की गई। इस बैठक में इंटक, सीटू, एटक और एचएमएस के नेता भी मौजूद रहे। सौणी ने जारी बयान में कहा कि बावा हरदीप सिंह इंटक अध्यक्ष रहे हैं।
उन पर जानलेवा हमला किया गया है। यह हमला दिनदहाड़े किया गया है। उनका आरोप है कि यह हमला सत्तासीन दल के संरक्षण में किया है। इस हमले के बाद से प्रशासन और पुलिस निष्क्रिय साबित रहे हैं। दोषी शिमला और परवाणू में खुले घूम रहे हैं। अभी तक एक ही आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की जाएगी। बैठक में मजदूर नेता बीएस चौहान, सुभाष शर्मा, रूप सिंह ठाकुर, सोहन वर्मा, यशपाल ठाकुर, प्रकाश शर्मा, लीला शर्मा, भारत भूषण शर्मा, जय माला वर्मा, नरेंद्र चंदेल और राहुल मेहरा मौजूद रहे।