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जवाहर लाल नेहरू की जीवनशैली को लेकर तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने दिया ये बयान

Sun, 03 Dec 2017 09:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Sun, 03 Dec 2017 09:04 AM IST
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tibetan religious leader dalai lama statement over jawaharlal nehru

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता एवं तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने धर्मशाला में कहा कि महात्मा गांधी की सोच प्राचीन भारतीय ज्ञान से प्रभावित थी। उनके अहिंसा सहित अन्य पहलू प्राचीन भारतीय ज्ञान से प्रभावित थे। पंडित जवाहर लाल मेरे बहुत अच्छे मित्र थे। 

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उन्होंने हमारी सहायता भी बहुत की, लेकिन उनकी जीवनशैली थोड़ी पाश्चात्य सोच से प्रेरित थी। दलाईलामा ने कहा कि बुद्ध और महात्मा गांधी दोनों अलग-अलग रूपों से बहुत महत्वपूर्ण हैं। अधिक महत्वपूर्ण यह है कि वे कैसे असाधारण बन गए। 
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प्राचीन भारतीय परंपरा और ज्ञान की वजह से ऐसी शख्सियतें बनीं। हमारे पास महात्मा गांधी और बुद्ध की तरह बनने का एक ही मौका है। आधुनिक समय में प्राचीन भारतीय परंपरा के पुनरुत्थान के माध्यम से ज्यादा गांधी और बुद्ध बन सकते हैं।

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पुरातन संस्कृति और शिक्षा पद्धति का पुनर्जीवन जरूरी

tibetan religious leader dalai lama statement over jawaharlal nehru
दलाईलामा धर्मशाला कॉलेज के सभागार में विश्व शांति को लेकर आयोजित बुद्ध और गांधी का विश्वशांति का मार्ग विषय पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के शुभारंभ पर बोल रहे थे। 

दुनिया में विश्वशांति बनाने को गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति और केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश ने सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें दुनिया भर से गांधी के समर्थक और बुद्धिजीवी पहुंचे।

दलाईलामा ने कहा कि हमें हमारी पुरातन संस्कृति और शिक्षा पद्धति का पुनर्जीवन करना जरूरी है। आधुनिकता के इस युग में दुनिया भर में बहुत विकास हुआ, लेकिन महात्मा बुद्ध और महात्मा गांधी जैसी शख्सियतों की कमी महसूस की जा रही है।

अहिंसा, करुणा और धार्मिक सहिष्णुता भारत के प्राचीन मूल्य हैं। इन्हें दुनिया के बाकी हिस्सों में निर्यात करने का समय आ गया है। भारत की प्राचीन परंपरा को सार्वभौमिक शिक्षा प्रणाली के माध्यम से पुनर्जीवित करना चाहिए।

सम्मेलन में निर्वासित तिब्बत सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री प्रो. सामदोंग रिंपोंछे ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के पदाधिकारियों और केंद्रीय विवि के वीसी डॉ. कुलदीप अग्निहोत्री समेत कई बुद्धिजीवी और देश भर के कई विश्वविद्यालयों के छात्र मौजूद रहे।
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