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आजीविका भवन में शिफ्ट होगा बाजार
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5 हजार रुपये होगा प्रति दुकान किराया, 229 दुकानें बनाई गई हैं आजीविका भवन में
71 दुकानों का खुली बोली से तय होगा किराया
टैरेस का 35000 रुपये मासिक होगा किराया
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सर्कुलर रोड पर लिफ्ट के पास बनाए गए नगर निगम के आजीविका भवन से अब तिब्बती मार्केट चलेगी। इस भवन में पंजीकृत तहबाजारियों, तिब्बती दुकानदारों समेत कुल 146 कारोबारियों को शिफ्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
महापौर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुए नगर निगम सदन में आजीविका भवन में बनीं दुकानों का किराया भी तय कर लिया गया है। यहां शिफ्ट किए जाने वाले कारोबारियों को पांच हजार रुपये मासिक किराया देना होगा। भवन में कुल 229 दुकानें बनी हैं जिनमें 12 दुकानें बेकरी को दी जाएंगी। निगम आयुक्त आशीष कोहली ने सदन में रिपोर्ट दी कि कुल 168 पंजीकृत तहबाजारियों को शिफ्ट करने के लिए यह भवन बनाया गया है। 168 की सूची में करीब 70 तिब्बती कारोबारी भी शामिल हैं।
भवन निर्माण के लिए इन सभी से 35-35 हजार रुपये लिए गए थे। 168 में से कुल 146 कारोबारियों ने यह पैसे दिए हैं। ऐसे में इन 146 कारोबारियों को आजीविका भवन मेें शिफ्ट किया जाना है। सदन ने इनका किराया पांच हजार रुपये तय कर दिया। 146 के अलावा 12 दुकानें बेकरी को दी जानी हैं। इनसे पुरानी दरों पर ही किराया लेंगे। भवन के टैरेस का को प्रदर्शनी आदि के लिए दिया जाएगा। इसका किराया 35 हजार रुपये प्रतिदिन तय किया गया है। बाकी 71 दुकानों की नगर निगम खुली बोली से नीलामी करेगा। नीलामी के लिए नियम भी तय होंगे। नीलामी का न्यूनतम किराया 10 हजार रुपये से शुरू हो सकता है। जल्द ही भवन में शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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सबलेटिंग पर रद्द होगा आवंटन
आजीविका भवन में 71 दुकानें खुली बोली से कैसे किराये पर देनी हैं, इस पर लंबी चर्चा हुई। मनोनीत पार्षद जसविंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि वर्तमान दुकानदारों को इस बोली में शामिल न किया जाए ताकि बाकी लोगों को रोजगार मिल सके। प्रशासन ने इस पर हामी भरी। पार्षद दिवाकर देव शर्मा, विवेक शर्मा ने ये दुकानें सिर्फ पंजीकृत तहबाजारियों को खुली बोली से देने का सुझाव दिया लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी। पार्षद इंद्रजीत ने कहा कि सबलेटिंग पर निगम क्या कार्रवाई करेगा। रामबाजार में निगम की ज्यादातर दुकानें सबलेट हो चुकी है। कारोबारी पांच हजार की दुकान 25 हजार में सबलेट कर सकता है। प्रशासन ने कहा कि जो कारोबारी शिफ्ट किए जाने हैं, उनके साथ समझौता साइन होगा ताकि इनमें सबलेटिंग रोकी जा सके। सबलेटिंग पर दुकान का आवंटन रद्द होगा। इंद्रजीत सिंह ने तहबाजारियों को भवन के टैरेस पर शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन इस पर भी सहमति नहीं बनी।
आजीविका भवन में यह हैं सुविधाएं
आवाजाही के लिए मिलेगी दो लिफ्ट की सुविधाएं
भवन की हर मंजिल पर खुलेगा एटीएम
कनिष्ठ अभियंता, सेनेटरी इंस्पेक्टर के लिए दफ्तर
सीसीटीवी कैमरों के लिए कंट्रोल रूम, फायर फाइटिंग सिस्टम
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71 दुकानों का खुली बोली से तय होगा किराया
टैरेस का 35000 रुपये मासिक होगा किराया
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सर्कुलर रोड पर लिफ्ट के पास बनाए गए नगर निगम के आजीविका भवन से अब तिब्बती मार्केट चलेगी। इस भवन में पंजीकृत तहबाजारियों, तिब्बती दुकानदारों समेत कुल 146 कारोबारियों को शिफ्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
महापौर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुए नगर निगम सदन में आजीविका भवन में बनीं दुकानों का किराया भी तय कर लिया गया है। यहां शिफ्ट किए जाने वाले कारोबारियों को पांच हजार रुपये मासिक किराया देना होगा। भवन में कुल 229 दुकानें बनी हैं जिनमें 12 दुकानें बेकरी को दी जाएंगी। निगम आयुक्त आशीष कोहली ने सदन में रिपोर्ट दी कि कुल 168 पंजीकृत तहबाजारियों को शिफ्ट करने के लिए यह भवन बनाया गया है। 168 की सूची में करीब 70 तिब्बती कारोबारी भी शामिल हैं।
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भवन निर्माण के लिए इन सभी से 35-35 हजार रुपये लिए गए थे। 168 में से कुल 146 कारोबारियों ने यह पैसे दिए हैं। ऐसे में इन 146 कारोबारियों को आजीविका भवन मेें शिफ्ट किया जाना है। सदन ने इनका किराया पांच हजार रुपये तय कर दिया। 146 के अलावा 12 दुकानें बेकरी को दी जानी हैं। इनसे पुरानी दरों पर ही किराया लेंगे। भवन के टैरेस का को प्रदर्शनी आदि के लिए दिया जाएगा। इसका किराया 35 हजार रुपये प्रतिदिन तय किया गया है। बाकी 71 दुकानों की नगर निगम खुली बोली से नीलामी करेगा। नीलामी के लिए नियम भी तय होंगे। नीलामी का न्यूनतम किराया 10 हजार रुपये से शुरू हो सकता है। जल्द ही भवन में शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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सबलेटिंग पर रद्द होगा आवंटन
आजीविका भवन में 71 दुकानें खुली बोली से कैसे किराये पर देनी हैं, इस पर लंबी चर्चा हुई। मनोनीत पार्षद जसविंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि वर्तमान दुकानदारों को इस बोली में शामिल न किया जाए ताकि बाकी लोगों को रोजगार मिल सके। प्रशासन ने इस पर हामी भरी। पार्षद दिवाकर देव शर्मा, विवेक शर्मा ने ये दुकानें सिर्फ पंजीकृत तहबाजारियों को खुली बोली से देने का सुझाव दिया लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी। पार्षद इंद्रजीत ने कहा कि सबलेटिंग पर निगम क्या कार्रवाई करेगा। रामबाजार में निगम की ज्यादातर दुकानें सबलेट हो चुकी है। कारोबारी पांच हजार की दुकान 25 हजार में सबलेट कर सकता है। प्रशासन ने कहा कि जो कारोबारी शिफ्ट किए जाने हैं, उनके साथ समझौता साइन होगा ताकि इनमें सबलेटिंग रोकी जा सके। सबलेटिंग पर दुकान का आवंटन रद्द होगा। इंद्रजीत सिंह ने तहबाजारियों को भवन के टैरेस पर शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन इस पर भी सहमति नहीं बनी।
आजीविका भवन में यह हैं सुविधाएं
आवाजाही के लिए मिलेगी दो लिफ्ट की सुविधाएं
भवन की हर मंजिल पर खुलेगा एटीएम
कनिष्ठ अभियंता, सेनेटरी इंस्पेक्टर के लिए दफ्तर
सीसीटीवी कैमरों के लिए कंट्रोल रूम, फायर फाइटिंग सिस्टम