घर वापसी के लिए ऊना के मैहतपुर प्रवेश द्वार पर सैकड़ों वाहनों समेत उमड़ी हजारों की भीड़
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राजस्थान के कोटा से रविवार को हिमाचल के विद्यार्थियों के पहुंचने की भनक लगते ही पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रुके हिमाचलियों की ऊना के प्रवेशद्वार मैहतपुर में भीड़ लग गई। देर शाम तक यहां 700 वाहनों समेत करीब 3000 लोगों ने प्रदेश में प्रवेश किया। निजी गाड़ियों, बाइक और किराये की गाड़ियों से ये लोग किसी भी तरह अपने परिवार तक पहुंचना चाह रहे थे। मैहतपुर पहुंचते ही पुलिस कर्मचारी प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पता और पास की जांच करते रहे। मेडिकल टीम बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग में जुट गई। देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि पुलिस को सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाने में काफी पसीना बहाना पड़ा।
सूचना मिलते ही सीएमओ ऊना डॉ. रमन शर्मा ने खुद मोर्चा संभाला और ऊना से डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम को बुलाना पड़ा। मेडिकल जांच के लिए सात से आठ केबिन बनाकर जांच का काम शुरू करवाया गया, ताकि लोगों को ज्यादा देर तक धूप में लंबी कतारों में न खड़ा रहना पड़े। घर वापस आने वालों में कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, चंबा के लोग थे, जो लॉकडाउन के बाद से ही चंडीगढ़, मोहाली, बद्दी और हरियाणा के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए थे। बाहर से आए इन तमाम लोगों को मेडिकल जांच के बाद घर भेज दिया गया, जबकि थर्मल स्क्रीनिंग में जिनका तापमान सामान्य से अधिक पाया गया, उन्हें एंबुलेंस से ऊना अस्पताल पहुंचाया गया।
मैहतपुर में थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान ज्वालाजी के एक व्यक्ति का तापमान 101 दर्ज किया गया, जिस कारण उन्हें एंबुलेंस से मेडिकल जांच के लिए ऊना अस्पताल भेज दिया गया। सीएमओ डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि ज्यादातर लोगों का तापमान सामान्य आया, उन्हें घर भेज दिया गया।
घुमारवीं से जम्मू-कश्मीर भेजे 29 लोग
घुमारवीं व आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 33 लोगों को रविवार को उनके घरों को रवाना कर दिया गया। इनमें से 29 लोगों को जम्मू-कश्मीर भेजा गया जबकि चार लोगों को करसोग भेजा। रमजान का महीना शुरू हो जाने के चलते जम्मू-कश्मीर के निवासी घरों को जाना चाहते थे।
एसडीएम घुमारवीं शशि पाल शर्मा ने बताया कि कश्मीर जाने वाले लोगों में से कुछ लोग घुमारवीं व आसपास के क्षेत्रों में फेरी लगाने का काम करते थे तथा कुछ लोग चिरानी का काम भी करते थे।
ये लोग किराये के कमरों में रह रहे थे। उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम इन लोगों का मेडिकल चेकअप करवाया गया। यह तमाम लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। जम्मू कश्मीर के लोग बस से भेजे गए जबकि 4 लोगों को निजी गाड़ी से घर भेजा गया।
जोगिंद्रनगर से 39 मजदूर जम्मू-कश्मीर रवाना
लॉकडाउन के बीच रविवार को जोगिंद्रनगर प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर के 39 लोगों को बस से उनके प्रदेश भेजा। इस दौरान एसडीएम अमित मेहरा ने इन मजदूरों को गल्बस, मास्क और सैनिटाइजर देकर सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए। डेढ़ माह से जोगिंद्रनगर में फंसे इन मजदूरों को बस से जम्मू के बॉर्डर लखनपुर तक छोड़ा जाएगा। वहां से इन मजदूरों को जम्मू-कशमीर सरकार अपनी बसों से जिला मुख्यालय तक छोड़ेगी।
एसडीएम ने बताया कि जो बस इन मजदूरों को लेकर गई है, उस बस को भी पहले सैनिटाइज किया गया, उसके बाद ही सभी को बैठाया गया। गौरतलब है कि सभी लोग हर वर्ष सर्दियों में यहां पर लेबर का कामकाज करने के लिए आते हैं और गर्मियों में अपने घरों को चले जाते थे। लेकिन इस बार महामारी के चलते सभी डेढ़ माह से यहीं रुक गए। भेजे गए लोगों में अधिकांश जम्मू-कशमीर के कुपवाड़ा, गुरेज, कंगन, बांडीपुरा, तलेल के हैं।
इसमें श्रीनगर के बांडीपुरा के जवाहर खान ने जोगिंद्रनगर प्रशासन और प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें अपने परिवार की तरह ध्यान रखा गया और हर मुश्किल में उनका साथ देते हुए उनकी हर समस्या को हल किया। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश सरकार और जोगिंद्रनगर प्रशासन की वजह से ही वे अपने गांव के लिए खुशी-खुशी रवाना हो रहे हैं।
इसके अलावा रेहड़ी-फहड़ी वाले मजदूरों को भी सोमवार को उनके क्षेत्रों के लिए रवाना किया जाएगा। इस दौरान एसडीएम के अलावा नायब तहसीलदार पूर्ण चंद कौंडल, पार्षद अजय धरवाल, रमेश चंद, जोगिंद्र पांडे और नगर परिषद के बलवंत आदि मौजूद रहे।
सोलन जिला से 190 कश्मीरी घरों के लिए रवाना
सोलन जिले से प्रशासन ने 190 कश्मीरियों को रवाना किया है। सोलन और नालागढ़ से भेजे गए ये सभी कश्मीरी निजी व निगम की बसों में रवाना हुए हैं। ये बसें इन सभी को लखनपुर बैरियर तक छोड़ेंगी और आगे की व्यवस्था जम्मू-कश्मीर राज्य की रहेगी। रविवार को सोलन से 103 जबकि नालागढ़ से 87 कश्मीरी रवाना हुए हैं। सोलन बस स्टैंड से सभी कश्मीरी निजी बसों में रवाना हुए हैं। इन सभी को अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल ने रवाना किया।
प्रशासन ने सभी का मेडिकल चेकअप करवाने के बाद इन्हें रवाना किया है। सभी बसों को भी सैनिटाइज किया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा गया है। 42 सीटर प्रत्येक बस में 27 सवारियां ही बैठाई गईं। प्रशासन की ओर से एसडीएम रोहित राठौर, तहसीलदार सोलन गुरमीत नेगी, खनन अधिकारी कुलभूषण, एडीसी भानू गुप्ता, एसएचओ धर्म सेन नेगी आदि इस मौके पर मौजूद रहे।