Shimla: घोडना गांव में पांच परिवारों का आशियाना चढ़ा आग की भेंट, 25 लाख का नुकसान
आग शॉर्ट सर्किट होने से लगी है। इसके साथ मंदिर को भी बाहर से थोड़ा नुकसान हुआ है । राजस्व विभाग के अनुसार अभी तक 25 लाख की नुकसान होने का अनुमान है
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शिमला के जिले के ठियोग उपमंडल की उप तहसील देहा की घोडना पंचायत में मंगलवार देर रात 14 कमरों का मकान जलकर राख हो गया। इस घटना में पांच परिवार बेघर हो गए हैं। मकान के साथ लगता एक और घर भी आग की चपेट में आने से पूरी तरह से जल गया। ग्रामीणों की मुस्तैदी से गांव के देवी रायरो मूल के मंदिर को बचाया गया। इस घटना में 25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। जानकारी के अनुसार, घोडना पंचायत के गांव कढारण में मंगलवार देर रात करीब दो बजे यह घटना हुई। घटना के समय घर में परिवार के कुछ लोग मौजूद थे, जो अपने कमरों में सोए हुए थे। अचानक ग्रामीणों का शोर सुनाई दिया, तो वे जागे। उन्होंने देखा कि उनके मकान को आग लग गई है, वे जान बचाकर घर से बाहर निकले। वहीं ग्रामीणों ने बगीचों में स्प्रे पंप से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन पुरानी शैली और लकड़ी से बने होने के कारण मकान को आग ने पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस दौरान तीन गैस के सिलिंडर फटने के कारण आग ने भीषण रूप ले लिया। ग्रामीणों ने अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी। उसके बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि अग्निशमन विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो पूरे गांव को खतरा हो सकता था। गनीमत रही कि समय रहते मकान में रहने वाले सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए। इसमें कोई भी जानी नुकसान नहीं है। आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। देहा उपमंडल के नायब तहसीलदार, वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत राशि जारी कर दी है।
आग की चपेट में आने से बाल-बाल बचा मंदिर, आंशिक क्षति पहुंची
इस घटना में स्थानीय देवी रायरो मूल के ऐतिहासिक मंदिर की दो मंजिलों की बाहरी सतह को आंशिक नुकसान पहुंचा है। हालांकि, ग्रामीणों ने मंदिर में देवी की मूर्तियों और अन्य सामान को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल दिया था। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में मस्त राम ठाकुर, चेत राम ठाकुर, सही राम ठाकुर और सुरिंदर ठाकुर के मकान स्वाह हो गए हैं। इस मकान में कुल 14 कमरे थे। इसके अलावा रणजीत सिंह का दो कमरों का एक मंजिला मकान भी आग की चपेट में आ गया है।
ऐसे बचा गांव : एक वाहन में लगी आग बुझाने में गांव के पास ही जुटी थी टीम
कढारण गांव में कुल 20 से 25 घर हैं, जिसमें अधिकतर घर लकड़ी की पुरानी शैली से बने हैं। मंगलवार देर रात फैली इस आग की लपटों ने साथ लगते देवी के मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया था, लेकिन देहा अग्निशमन दल के प्रभारी नारायण चौहान की अगुवाई में टीम पहले से घटनास्थल के पास एक वाहन में लगी आग को बुझाने के लिए जुटी थी। ऊंचाई पर स्थित गांव में लगी आग को लपटों को प्रभारी ने दूर से देखकर मौके पर पहुंचने की समझदारी दिखाई। उनकी इसी समझदारी के चलते दमकल की टीम समय रहते मौके पर पहुंच गई और देवी रायरो मूल के मंदिर को बचा लिया। इस गांव में सभी घर लगभग साथ-साथ जुड़े हुए हैं। यदि अग्निशमन की टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो गांव आग की चपेट में आ सकता था। देहा अग्निशमन प्रभारी नारायण चौहान ने बताया कि रात को एक बजे एक वाहन में आग लगने की सूचना मिली, जिसे बुझाने के लिए टीम पहले ही मौके से बहुत नजदीक मौजूद थी। आग की लपटों को देखकर टीम ने मौके पर पहुंचने में समय नहीं गंवाया। देहा दमकल टीम के अलावा चौपाल से दमकल की दो गाड़ियां, शिमला दमकल की एक गाड़ी और एक गाड़ी ठियोग चौकी की मौके पर पहुंची। आग फैलने से रोकने और नजर बनाए रखने के लिए चार वाहन मौके पर तैनात किए गए हैं।