मकर संक्रांति पर तत्तापानी में हजारों ने लगाई आस्था की डुबकी, पहली बार सतलुज आरती
हिमाचल के मंडी जिले की करसोग घाटी के तत्तापानी में मकर संक्रांति के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई गई। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने यहां निर्मित गर्म पानी के चश्मों में स्नान कर तुलादान की रस्म निभाई।
तुलादान के लिए मशहूर इस स्थल की तुलना हरिद्वार से की जाती है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर मंगलवार सुबह धर्मपत्नी डॉ. साधना के साथ विशेष रूप से इस उत्सव में पहुंचे। उन्होंने निजी होटल में गर्म चश्में में स्नान किया।
मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर और शनि देव मंदिर में पूजा अर्चना की। तत्तापानी में उत्सव में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि तत्तापानी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र में जल क्रीड़ा की अपार संभावना है।
इससे पूर्व दुर्गा देवी बिहारी लाल ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश सूद ने मुख्यमंत्री और अन्य उपस्थित गणमान्य का इस अवसर पर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने जल क्रीड़ा गतिविधि प्रदर्शन का भी निरीक्षण किया और हिमाचल पथ परिवहन निगम की टूरिज्म सर्किट बस को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।
हजारों दीप सतलुज में प्रवाहित
उन्होंने इस अवसर पर वाटर जेटी की सवारी का भी आनंद लिया। सांसद मंडी रामस्वरूप शर्मा, विधायक करसोग हीरा लाल, शिमला जिला के भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता, उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर मौजूद रहे।
महर्षि जमदग्नि की तपोस्थली तत्तापानी में मकर संक्रांति के पावर अवसर पर मंगलवार शाम पहली बार सतलुज आरती का आयोजन किया। आरती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी शामिल हुए।
पूजा के बाद हजारों दीप सतलुज में प्रवाहित किए गए। जिससे दूर-दूर तक सतलुज नदी पर बनी झील जगमगा उठी। शिमला और करसोग के लोगों के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की गई थी।