नशे के बाद पत्नी-बच्चों को कमरे में बंद कर फंदे से झूला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्मैक की ओवर डोज लेने के बाद एक व्यक्ति ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पत्नी और बच्चों को एक कमरे में बंद करने के बाद व्यक्ति ने दूसरे कमरे में जाकर यह खौफनाक कदम उठाया।
व्यक्ति को रात को ही अस्पताल पहुंचाया गया था लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
वहीं, मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि पांवटा के हीरपुर निवासी धर्मपाल (32) पुत्र राजेंद्र सिंह को नशे की आदत हो चुकी थी।
नशे की लत के चलते वह काफी कर्जदार हो गया था। परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र उतराखंड में उपचार भी करवाया। लेकिन, वापस आने पर युवक ने फिर से नशा करना शुरु कर दिया।
व्यक्ति ने ऐसे उठाया खौफनाक कदम
स्मैक की ओवरडोज लेने के बाद एक युवक ने पत्नी और बच्चों को कमरे में बंद किया और खुद फंदे पर झूल गया। हालांकि युवक को रात को ही अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने केस दर्ज कर पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।पुलिस के अनुसार पांवटा के हीरपुर का धर्मपाल (32) नशे का आदी था, जिसके चलते वह ज्यादा कर्जदार हो चुका था।
नशे से अब तक छह लोगों की मौत
कमरे में बंद पत्नी ने अपने देवर और पड़ोसियों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने उसे रात को ही सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया, जहां वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमाल पाशा ने धर्मपाल को मृत घोषित कर दिया। एसएचओ पांवटा अशोक चौहान ने कहा कि धर्मपाल ने नशे की ओवरडोज लेकर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
एक साल में 1589 गिरफ्तार, नतीजा सिफर
सरकार का दावा है कि एक साल में 1233 एफआईआर एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज की गईं। इस दौरान 433 किलो चरस, साढे़ 6 किलो अफीम, 21 किलो गांजा, सात किलो हेरोइन, 71 ग्राम कोकीन पकड़ी गई।
1589 लोग गिरफ्तार हुए। इनमें दस विदेशी भी शामिल हैं। सरकार तमाम प्रयासों के बाद भी हालात जस के तस है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर खुद कह चुके हैं कि हालात बिगड़ चुके हैं।
पंजाब की सख्ती का हिमाचल पर असर
जानकारों की मानें तो पंजाब में नई सरकार की नशे पर सख्ती का सीधा असर हिमाचल पर हुआ है। चूंकि पंजाब में खपत हो नहीं रही और हिमाचल में सख्ती नहीं है, ऐसे में नशे के सौदागरों ने हिमाचल पर फोकस कर दिया है।