Sirmour: आपदा के जख्म आज भी हरे, गिरि नदी के कटाव से रिहायशी मकानों पर मंडरा रहा खतरा
खालाक्यार पंचायत के वार्ड नंबर चार के बेड़ौन गांव के दर्जन भर परिवारों पर आज भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। साल 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के जख्म अभी भरे नहीं हैं।
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की खालाक्यार पंचायत के वार्ड नंबर चार के बेड़ौन गांव के दर्जन भर परिवारों पर आज भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। साल 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के जख्म अभी भरे नहीं हैं। बाढ़ से प्रभावित लोग आज भी खौफ के साये में जी रहे हैं। इन परिवारों के मकान गिरि नदी के किनारे पर बने हैं। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इन परिवारों के घरों को बचाने के लिए न तो गिरि नदी पर चेक डैम लगे और न ही सुरक्षा दीवार लगाई गई। इसके चलते इन परिवारों की नींद बरसात शुरू होने से पहले ही हराम होने लगी है।
बीते वर्ष भारी वर्षा के चलते गिरि नदी में आई भयंकर बाढ़ ने इन लोगों की जमीन को आगोश में ले लिया था। इसके साथ ही भू-कटाव के चलते उनके मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया था। इनमें से एक परिवार के बाथरूम और मकान का कुछ हिस्सा गिरि नदी में समा गया था। अब एक साल बाद भी हालात वैसे ही हैं। इन परिवारों को कोई राहत की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही। बेडौन निवासी अरविंद कुमार, हरिदत, जगदीश, मोहन चंद, इंद्र सिंह, कैलाश चंद व महेंद्र ने बताया कि जिला प्रशासन व विधायक ने उन्हें आश्वासन तो दिए लेकिन चेकडैम और सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया। उन्हें अब अपने मकानों के ढह जाने की चिंता सताने लगी है।
गिरि नदी के किनारे क्रेटवायर लगाने के लिए मनरेगा के नियमों के तहत ही पांच लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मनेरगा के तहत डंगे के निर्माण के लिए 50 हजार रुपये प्रति व्यक्ति का ही प्रावधान है। यदि राशि कम पड़ती है तो अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया जााएगा।-चिराग शर्मा, बीडीओ, संगड़ाह
पक्की सुरक्षा दीवार लगाने के प्रयास जारी बेडौन गांव में गिरि नदी किनारे बसे परिवारों को बाढ़ से बचने के हर संभव प्रयास जारी हैं। कंक्रीट का पक्का डंगा लगवा कर लोगों को राहत दी जाएगी। विधायक निधि से डंगे का निर्माण किया जाएगा। इसको लेकर बजट का प्रावधान किया जा रहा है।-विनय कुमार, विधायक श्री रेणुकाजी