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सोलन: प्रिशिका की मौत से पहले क्या हुआ था? पति ने व्हाट्सएप पर किया था ब्लॉक, परिजनों के प्रताड़ना के आरोप

Fri, 25 Sep 2026 09:38 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन।
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन। Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 25 Sep 2026 09:38 AM IST
सार

Solan Anji Mother Daughter Death: सोलन के आंजी में 29 वर्षीय प्रिशिका और उसकी छह माह की बच्ची की मौत के मामले में अब घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार बच्ची पानी की बाल्टी में मृत मिली, जबकि प्रिशिका फंदे पर लटकी मिली थी। अब प्रिशिका के पिता ने दावा किया है कि घटना वाले दिन उसके पति ने उसे व्हॉट्सऐप पर ब्लॉक कर दिया था, जिससे वह परेशान थी।

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अपराध (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर के वार्ड-16 आंजी में प्रिशिका और उसकी छह माह की बच्ची की मौत के मामले में अब घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। बुधवार शाम सामने आई इस घटना में 29 वर्षीय प्रिशिका फंदे पर लटकी मिली थी, जबकि उसकी छह माह की बेटी शैलजा कौंडल पानी से भरी बाल्टी में मृत मिली थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अब परिवार की ओर से सामने आए आरोपों तथा घटना से पहले की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

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पहले जानिए, घटना वाले दिन क्या हुआ था
जानकारी के अनुसार प्रिशिका अपनी छह माह की बच्ची के साथ रविवार को बिलासपुर जिले के नम्होल से सोलन आई थी। उसका पति आशुतोष उसे सोलन छोड़कर वापस चला गया था। घटना के दिन प्रिशिका की छोटी बहन भी कमरे में मौजूद थी।
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बताया जा रहा है कि प्रिशिका ने अपनी छोटी बहन को खाने-पीने का सामान लाने के लिए बाहर भेजा था। जब बहन वापस लौटी तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज लगाने और फोन करने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उसने पिता हरविंद्र बिष्ट को इसकी सूचना दी।
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दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पिता बालकनी की खिड़की के रास्ते कमरे में दाखिल हुए। अंदर प्रिशिका फंदे पर लटकी मिली, जबकि बच्ची पानी की बाल्टी में मृत अवस्था में थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद होगी।

अब सामने आई यह अहम जानकारी
घटना के बाद प्रिशिका के पिता हरविंद्र बिष्ट ने बताया कि उनकी बेटी की पति से फोन पर बातचीत होती रहती थी। उनके अनुसार, घटना वाले दिन पति ने प्रिशिका को व्हॉट्सऐप पर ब्लॉक कर दिया था।

पिता का दावा है कि इसी बात को लेकर प्रिशिका परेशान थी। उन्होंने बताया कि वह घटना वाले दिन सुबह काम के लिए घर से निकले थे। उस समय बेटी सामान्य थी और उसने उनसे किसी विवाद या परेशानी की बात नहीं की थी। शाम करीब छह बजे जब वह वापस लौटे तो उन्हें बेटी और नातिन मृत मिलीं।

पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद का दावा
प्रिशिका की मौसी ने दावा किया है कि पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद चल रहा था। उन्होंने ससुराल पक्ष की ओर से प्रिशिका को कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ित किए जाने के आरोप भी लगाए हैं।

मौसी के अनुसार, प्रिशिका ने इस संबंध में पहले महिला आयोग में भी शिकायत की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस इन दावों और कथित शिकायत से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।

ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज
मामले में पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत केस दर्ज किया है। एएसपी सोलन रमेश शर्मा के अनुसार, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

जांच में पुलिस पति-पत्नी के बीच कथित विवाद, घटना वाले दिन व्हॉट्सऐप पर संपर्क और ब्लॉक किए जाने की बात, परिवार की ओर से लगाए गए प्रताड़ना के आरोप तथा महिला आयोग में कथित शिकायत जैसे बिंदुओं को देख रही है।

अभी कई सवालों के जवाब बाकी
इस मामले में फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि घटना से ठीक पहले कमरे के भीतर क्या हुआ था और प्रिशिका किन परिस्थितियों से गुजर रही थी। बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई और दोनों मौतों के बीच क्या घटनाक्रम रहा, यह भी पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पुलिस के पास घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान जांच के प्रमुख आधार होंगे। ऐसे में परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से पहले वास्तव में क्या हुआ था।
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