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Shimla: टेट अनिवार्यता से 12 लाख शिक्षकों पर पड़ने वाले प्रभाव से केंद्रीय मंत्री को कराया अवगत

Thu, 08 Jan 2026 05:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 08 Jan 2026 05:26 PM IST
सार

प्रतिनिधिमंडल ने नियुक्ति तिथि की परवाह किए बिना सभी सेवारत शिक्षकों पर टेट अनिवार्य किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस निर्णय को पूर्वव्यापी रूप से लागू किया गया, तो इससे देशभर के लगभग 12 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता, पदोन्नति तथा आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

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The Union Minister was apprised of the impact of the mandatory TET on 12 lakh teachers.
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से की भेंट। - फोटो : संवाद

विस्तार

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट कर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के सितंबर 2025 के निर्णय के संदर्भ में एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने नियुक्ति तिथि की परवाह किए बिना सभी सेवारत शिक्षकों पर टेट अनिवार्य किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस निर्णय को पूर्वव्यापी रूप से लागू किया गया, तो इससे देशभर के लगभग 12 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता, पदोन्नति तथा आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष विनोद सूद ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री का ध्यान इस तथ्य की ओर आकृष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की दिनांक 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख है कि कक्षा एक से 8 तक के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता अधिसूचना की तिथि से प्रभावी होंगी और इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट से छूट रहेगी। महासंघ ने यह भी निवेदन किया कि उस समय प्रचलित वैध शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं के अंतर्गत नियुक्त होकर वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर इस निर्णय को पूर्वव्यापी रूप से लागू करना न्यायसंगत नहीं होगा।

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शैक्षिक महासंघ ने शिक्षा मंत्री से यह अनुरोध किया कि वे इस विषय में हस्तक्षेप कर निर्णय को केवल भावी रूप से लागू किए जाने, अधिसूचना से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता, गरिमा व वैध अपेक्षाओं की रक्षा किए जाने तथा शिक्षकों को संभावित सेवा समाप्ति  और पदोन्नति से वंचित किए जाने से बचाने के लिए आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कदम उठाए जाने की दिशा में पहल की जाए। इस अवसर पर महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक का स्वागत करते हुए उसके उद्देश्यों की सराहना की तथा विधेयक को अधिक प्रभावी, समावेशी एवं व्यवहारिक बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुधारात्मक सुझाव भी मंत्री को प्रस्तुत किए। उच्च शिक्षा तथा विद्यालय शिक्षा से संबंधित विभिन्न दीर्घकाल से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए एक विस्तृत मांगपत्र भी को सौंपा गया। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत मीडिया प्रमुख शशि शर्मा ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में संगठन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों व तथ्यों को गंभीरता से समझते हुए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष व संबंधित अधिकारियों को इस विषय में समुचित एवं आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ  शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विषयों पर संतुलित एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किए जाने का आश्वासन दिया।

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