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Shimla News: टनल निर्माण जारी रहने का अंदेशा जांच के लिए मौके पर पहुंची टीम
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लोगों का आरोप, रात के समय भट्ठाकुफर-चलौंठी फोरलेन टनल के भीतर हो रहा निर्माण; डीसी ने एडीएम की अगुवाई में करवाई जांच
दोनों टनलों के दोनों छोर पर की गई मार्किंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में भट्ठाकुफर-चलौंठी फोरलेन टनल के निर्माण का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। शांति विहार क्षेत्र के लोगों ने आशंका जताई है कि पाबंदी के बावजूद रात के समय टनल के भीतर निर्माण कार्य जारी है। लोगों ने इस संबंध में जिला प्रशासन से भी शिकायत की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय टनल के भीतर से निर्माण कार्य की आवाजें सुनाई दे रही हैं। उन्होंने मशीनरी के जरिये काम जारी रहने की आशंका जताई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टनल के भीतर निर्माण कार्य जारी होने से इन्कार किया है। लोगों की शिकायतों के बाद डीसी अनुपम कश्यप ने एडीएम (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा और एडीएम (प्रोटोकॉल) जीएस नेगी की अगुवाई में एक जांच टीम मौके पर भेजी। टीम ने स्थानीय लोगों और पार्षदों के साथ ट्विन टनल के दोनों छोर से भीतर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
टनल के भीतर निशान भी लगाए गए हैं, ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी निर्माण कार्य की स्थिति का पता लगाया जा सके। टीम ने स्थानीय लोगों की मौजूदगी में टनल के भीतर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की। मौके पर मौजूद एनएचएआई के अधिकारियों ने दावा किया कि टनल में निर्माण कार्य बंद है। अधिकारियों ने जांच टीम से टनल के भीतर की स्थिति का निरीक्षण भी करवाया। अब इस निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। एडीएम प्रोटोकॉल जीएस नेगी एक-दो दिन में रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेंगे। इसके बाद टनल के निर्माण या उसे मजबूती देने से जुड़े कार्यों के संबंध में फैसला लिया जा सकता है।
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तकनीकी अधिकारी के न पहुंचने पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग के एक तकनीकी अधिकारी को भी मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए थे लेकिन वह नहीं पहुंचे। ऐसे में तकनीकी अधिकारी की गैरमौजूदगी में ही निरीक्षण किया गया। शांति विहार के पार्षद विनीत शर्मा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को मौके पर मौजूद रहना चाहिए था ताकि लोगों की शंकाओं का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग निरीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि एनएचएआई और ठेकेदार को टीम के निरीक्षण की जानकारी पहले से थी। उनका दावा है कि इस कारण मौके से मशीनरी हटा दी थी। हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल टनल के भीतर किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है।
टनल के ऊपर बने हैं 400 से अधिक मकान
फोरलेन परियोजना की प्रस्तावित टनल के ऊपर शांति विहार और भट्ठाकुफर क्षेत्र में 400 से अधिक बहुमंजिला मकान बने हैं। पिछले महीने सात से अधिक मकानों में अचानक दरारें आ गई थीं। इसके बाद जिला प्रशासन ने टनल का निर्माण कार्य बंद करवा दिया था। स्थानीय लोग पुराने सर्वे के अनुसार फोरलेन बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वह प्रभावित मकानों की मरम्मत का मुद्दा भी उठा रहे हैं। एनएचएआई की ओर से इन मकानों की मरम्मत करवाई है। अब जिला प्रशासन की जांच टीम ने टनल के भीतर होने वाले कार्यों पर निगरानी रखने के लिए मार्किंग की है। निरीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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दोनों टनलों के दोनों छोर पर की गई मार्किंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में भट्ठाकुफर-चलौंठी फोरलेन टनल के निर्माण का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। शांति विहार क्षेत्र के लोगों ने आशंका जताई है कि पाबंदी के बावजूद रात के समय टनल के भीतर निर्माण कार्य जारी है। लोगों ने इस संबंध में जिला प्रशासन से भी शिकायत की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय टनल के भीतर से निर्माण कार्य की आवाजें सुनाई दे रही हैं। उन्होंने मशीनरी के जरिये काम जारी रहने की आशंका जताई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टनल के भीतर निर्माण कार्य जारी होने से इन्कार किया है। लोगों की शिकायतों के बाद डीसी अनुपम कश्यप ने एडीएम (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा और एडीएम (प्रोटोकॉल) जीएस नेगी की अगुवाई में एक जांच टीम मौके पर भेजी। टीम ने स्थानीय लोगों और पार्षदों के साथ ट्विन टनल के दोनों छोर से भीतर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
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टनल के भीतर निशान भी लगाए गए हैं, ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी निर्माण कार्य की स्थिति का पता लगाया जा सके। टीम ने स्थानीय लोगों की मौजूदगी में टनल के भीतर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की। मौके पर मौजूद एनएचएआई के अधिकारियों ने दावा किया कि टनल में निर्माण कार्य बंद है। अधिकारियों ने जांच टीम से टनल के भीतर की स्थिति का निरीक्षण भी करवाया। अब इस निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। एडीएम प्रोटोकॉल जीएस नेगी एक-दो दिन में रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेंगे। इसके बाद टनल के निर्माण या उसे मजबूती देने से जुड़े कार्यों के संबंध में फैसला लिया जा सकता है।
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तकनीकी अधिकारी के न पहुंचने पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग के एक तकनीकी अधिकारी को भी मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए थे लेकिन वह नहीं पहुंचे। ऐसे में तकनीकी अधिकारी की गैरमौजूदगी में ही निरीक्षण किया गया। शांति विहार के पार्षद विनीत शर्मा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को मौके पर मौजूद रहना चाहिए था ताकि लोगों की शंकाओं का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग निरीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि एनएचएआई और ठेकेदार को टीम के निरीक्षण की जानकारी पहले से थी। उनका दावा है कि इस कारण मौके से मशीनरी हटा दी थी। हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल टनल के भीतर किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है।
टनल के ऊपर बने हैं 400 से अधिक मकान
फोरलेन परियोजना की प्रस्तावित टनल के ऊपर शांति विहार और भट्ठाकुफर क्षेत्र में 400 से अधिक बहुमंजिला मकान बने हैं। पिछले महीने सात से अधिक मकानों में अचानक दरारें आ गई थीं। इसके बाद जिला प्रशासन ने टनल का निर्माण कार्य बंद करवा दिया था। स्थानीय लोग पुराने सर्वे के अनुसार फोरलेन बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वह प्रभावित मकानों की मरम्मत का मुद्दा भी उठा रहे हैं। एनएचएआई की ओर से इन मकानों की मरम्मत करवाई है। अब जिला प्रशासन की जांच टीम ने टनल के भीतर होने वाले कार्यों पर निगरानी रखने के लिए मार्किंग की है। निरीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।