फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   the shepherds of j&k state will not be able to grazing their sheep in himachal

हिमाचल में भेड़-बकरियां नहीं चरा पाएंगे इस राज्य के चरवाहे

Thu, 29 Mar 2018 10:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Thu, 29 Mar 2018 10:22 AM IST
विज्ञापन
the shepherds of j&k state will not be able to grazing their sheep in himachal

सरकार ने इस राज्य की भेड़-बकरियों को हिमाचल में चराने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जम्मू-कश्मीर के चरवाहे हिमाचल की सीमा में आकर भेड़-बकरियां नहीं चरा पाएंगे। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि वे हिमाचल की सीमाओं में आएं ही नहीं। 

विज्ञापन


अगर आएंगे तो कार्रवाई करेंगे। ऐसा सीमावर्ती क्षेत्रों में भेड़-बकरियों की चोरियां रोकने के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सदन में प्रश्नकाल के दौरान दी। सदन में यह मामला कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने उठाया। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर से बकरवाल हिमाचल के सीमावर्ती चरागाहों में आते हैं और यहां से स्थानीय लोगों की भेड़-बकरियों को चोरी करके ले जाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

तीन वर्षों में भेड़-बकरी चोरी के इतने मामले पंजीकृत

the shepherds of j&k state will not be able to grazing their sheep in himachal

भरमौर के विधायक जिया लाल के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि गत तीन वर्षों में भेड़पालकों की ओर से भेड़-बकरी चोरी के 26 मामले पंजीकृत किए गए हैं। इनमें से 11 मुकदमों में अनट्रेस रिपोर्ट बनाई गई है, जबकि 10 मामलों में ही दोषियों के विरुद्ध चालान पेश किए गए हैं।

बाकी मामलों में छानबीन की जा रही है। चोरी के मामलों मेें 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि भेड़-बकरियों की चोरी रोकने के लिए पुलिस की ओर से जरूरत पड़ने पर मदद की जाती है।

नूरपुर के भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने पूछा कि भेड़-बकरियों की चोरी रोकने, उनकी सुरक्षा और बीमा के बारे में पॉलिसी बनाने का सरकार क्या प्रावधान करेगी? भरमौर के विधायक जिया लाल ने गन लाइसेंस जारी करने को कहा। सीएम ने कहा कि बंदूकें रखने के लाइसेंस दिए जाते हैं।

अधिकारी कहते हैं, भेड़-बकरी की गर्दन लाएं  : विक्रम 

the shepherds of j&k state will not be able to grazing their sheep in himachal

भटियात के भाजपा विधायक विक्रम जरियाल ने कहा कि जब कोई तेंदुआ भेड़-बकरियों को मारता है तो वहां पर मौका देखने के लिए अधिकारी नहीं जाते हैं। वे पशुपालकों को तेंदुए द्वारा खाई गई बकरी या भेड़ की गर्दन नीचे सरकारी कार्यालयों तक लाने को कहते हैं।

ऐसे में कई पशुपालकों को नुकसान पर मुआवजा नहीं मिल पाता है। भेड़ बकरियों की चोरी से संबंधित अनुपूरक सवाल पूछने को जैसे ही किन्नौर विधायक जगत सिंह नेगी खड़े हुए तो मुख्यमंत्री जयराम बोले कि काली भेड़ के बारे में पूछेंगे?

इस पर नेगी तपाक से बोले - नहीं मैं तो बजट वाले बकरे के बारे में पूूछूंगा। इस पर सदन में खूब ठहाके लगे। नेगी ने इसके बाद चोरी को रोकने के लिए पुलिस की चौकसी बढ़ाने पर आश्वासन मांगा। 

चरान से वनस्पति नुकसान का करवाएं अध्ययन : बिंदल 
भेड़ बकरियों के चरान से वनस्पति पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करवाने का सुझाव अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री को दिया। बिंदल ने कहा कि इस पर भी सर्वे होना चाहिए कि जंगलों में भेड़-बकरियों को चराने से किन वनस्पतियों को नुकसान होता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed