{"_id":"69d640a745a2e970fd0fe7f9","slug":"the-road-was-blocked-by-falling-stones-and-debris-and-patients-in-pain-walked-to-chamiyana-hospital-shimla-news-c-19-sml1002-702908-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: पत्थर और मलबा गिरने से सड़क बंद, दर्द से \nकराहते पैदल चमियाना अस्पताल पहुंचे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: पत्थर और मलबा गिरने से सड़क बंद, दर्द से कराहते पैदल चमियाना अस्पताल पहुंचे मरीज
विज्ञापन
राजधानी के अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में बुधवार सुबह उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क पर पांच जगह पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरा है। इसके चलते वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। इससे गाड़ियां नहीं चलीं जिससे मरीजों और तीमारदारों को पैदल ही अस्पताल पहुंचना पड़ा। पेश है यह ग्राउंड रिपोर्ट:-
भट्ठाकुफर से अस्पताल तक पांच जगह गिरे हैं पत्थर
रास्ता बंद होने से एक किमी पैदल चलकर पहुंचे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना तक पहुंचने के लिए बुधवार सुबह बारिश के बीच मरीजों को जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर होना पड़ा। लगातार बारिश के कारण अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क पर पांच जगह मलबा और पत्थर गिरने से सुबह करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही।
इसके चलते मरीजों को करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलकर अस्पताल पहुंचना पड़ा। 15 मिनट तक एंबुलेंस की आवाजाही भी बंद रही। लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क को बहाल किया। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुए अस्पताल की दो किलोमीटर लंबी सड़क पहले ही खस्ताहाल है। बारिश के कारण अस्पताल से करीब एक किलोमीटर पहले सड़क पर दलदल बन गया। यहां पर छोटे-बड़े वाहनों को निकलने में काफी परेशानी हुई।
विज्ञापन
हालात यह थे कि दलदल के बीच कई वाहन फंस रहे थे। बारिश के बाद भट्ठाकुफर से अस्पताल के बीच पांच जगहों पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरा है। हैरत की बात तो यह है कि अस्पताल से एक किलोमीटर पहले फोरलेन का निर्माण कार्य भी चला है। यहां से 500 मीटर के पेच में सड़क पर दलदल और पहाड़ियों से गिरते पत्थरों ने मरीजों को परेशानी में डाले रखा। फोरलेन कंपनी के बड़े वाहनों के कारण सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है। अगर सड़क की हालत को सुधारा न गया तो आगामी बारिशों में लोगों को अस्पताल पहुंचना मुश्किल भरा हो जाएगा।
इनसेट
सड़क पर एक रुपये तक नहीं किया खर्च
अस्पताल में ठियोग से पहुंचे प्रवीण ने बताया कि वह अपने चाचा के साथ न्यूरोलॉजी वार्ड में चेकअप के लिए आए थे। सुबह करीब 10:00 बजे जहां फोरलेन का कार्य चला है, वहां भूस्खलन होने के बाद बारिश के बीच पैदल अस्पताल पहुंचे। इससे काफी दिक्कतें आई। दलदल बने रास्ते से निकलने में मुश्किलें आईं। सरकार पर आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये का अस्पताल तो तैयार कर दिया है लेकिन लोग अस्पताल कैसे पहुंचे, इस बारे सोचा तक नहीं है। सड़क पर एक रुपये तक खर्च नहीं हुआ है।
इनसेट
मनाली से पत्नी के साथ आए लालचंद ने बताया कि सड़क की हालत काफी खराब है। पत्नी को हार्ट की दिक्कत थी और बीते दिनों स्टंट पड़े थे। बुधवार को फॉलोअप के लिए चिकित्सक ने बुलाया था लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले सड़क की हालत को देखकर डर गए। दलदल से गाड़ी को निकालने में आधा घंटा लग गया। सड़क की हालत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरकार को चाहिए कि वह पहले सड़क की हालत सही करवाए।
कोट
बारिश के बीच सड़क को बहाल करने के लिए मौके पर जेसीबी और रोबोट हर समय तैनात है। फोरलेन की मेंटेनेंस निर्माण कंपनी के पास है। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
-ई. नवीन कौंडल, अधिशासी अभियंता, लोनिवि शिमला
कोट
लोक निर्माण विभाग को सड़क की स्थिति के बारे में बताया है। अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जल्द ही रास्ता भी पक्का किया जाएगा।
-डॉ. सुधीर शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, चमियाना अस्पताल
विज्ञापन
भट्ठाकुफर से अस्पताल तक पांच जगह गिरे हैं पत्थर
रास्ता बंद होने से एक किमी पैदल चलकर पहुंचे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना तक पहुंचने के लिए बुधवार सुबह बारिश के बीच मरीजों को जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर होना पड़ा। लगातार बारिश के कारण अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क पर पांच जगह मलबा और पत्थर गिरने से सुबह करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही।
विज्ञापन
इसके चलते मरीजों को करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलकर अस्पताल पहुंचना पड़ा। 15 मिनट तक एंबुलेंस की आवाजाही भी बंद रही। लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क को बहाल किया। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुए अस्पताल की दो किलोमीटर लंबी सड़क पहले ही खस्ताहाल है। बारिश के कारण अस्पताल से करीब एक किलोमीटर पहले सड़क पर दलदल बन गया। यहां पर छोटे-बड़े वाहनों को निकलने में काफी परेशानी हुई।
विज्ञापन
हालात यह थे कि दलदल के बीच कई वाहन फंस रहे थे। बारिश के बाद भट्ठाकुफर से अस्पताल के बीच पांच जगहों पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरा है। हैरत की बात तो यह है कि अस्पताल से एक किलोमीटर पहले फोरलेन का निर्माण कार्य भी चला है। यहां से 500 मीटर के पेच में सड़क पर दलदल और पहाड़ियों से गिरते पत्थरों ने मरीजों को परेशानी में डाले रखा। फोरलेन कंपनी के बड़े वाहनों के कारण सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है। अगर सड़क की हालत को सुधारा न गया तो आगामी बारिशों में लोगों को अस्पताल पहुंचना मुश्किल भरा हो जाएगा।
इनसेट
सड़क पर एक रुपये तक नहीं किया खर्च
अस्पताल में ठियोग से पहुंचे प्रवीण ने बताया कि वह अपने चाचा के साथ न्यूरोलॉजी वार्ड में चेकअप के लिए आए थे। सुबह करीब 10:00 बजे जहां फोरलेन का कार्य चला है, वहां भूस्खलन होने के बाद बारिश के बीच पैदल अस्पताल पहुंचे। इससे काफी दिक्कतें आई। दलदल बने रास्ते से निकलने में मुश्किलें आईं। सरकार पर आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये का अस्पताल तो तैयार कर दिया है लेकिन लोग अस्पताल कैसे पहुंचे, इस बारे सोचा तक नहीं है। सड़क पर एक रुपये तक खर्च नहीं हुआ है।
इनसेट
मनाली से पत्नी के साथ आए लालचंद ने बताया कि सड़क की हालत काफी खराब है। पत्नी को हार्ट की दिक्कत थी और बीते दिनों स्टंट पड़े थे। बुधवार को फॉलोअप के लिए चिकित्सक ने बुलाया था लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले सड़क की हालत को देखकर डर गए। दलदल से गाड़ी को निकालने में आधा घंटा लग गया। सड़क की हालत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरकार को चाहिए कि वह पहले सड़क की हालत सही करवाए।
कोट
बारिश के बीच सड़क को बहाल करने के लिए मौके पर जेसीबी और रोबोट हर समय तैनात है। फोरलेन की मेंटेनेंस निर्माण कंपनी के पास है। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
-ई. नवीन कौंडल, अधिशासी अभियंता, लोनिवि शिमला
कोट
लोक निर्माण विभाग को सड़क की स्थिति के बारे में बताया है। अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जल्द ही रास्ता भी पक्का किया जाएगा।
-डॉ. सुधीर शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, चमियाना अस्पताल