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Shimla News: नई-ई बसों में वॉल्वो की तरह है एयर सस्पेंशन की भी सुविधा

Tue, 11 Aug 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:59 PM IST
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The new buses also feature air suspension, similar to Volvo buses.
खराब सड़कों पर बसों को नुकसान भी होगा कम, गड्ढों से गुजरते वक्त यात्रियों को नहीं खाने पड़ेंगे हिचकोले
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चालक 4 से 5 इंच तक बढ़ा सकता है बस की ऊंचाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की खरीदी जा चुकी 250 और आने वाली 297 इलेक्ट्रिक बसों में सफर को आरामदायक बनाने के लिए खास एयर सस्पेंशन सिस्टम विद लिफ्टिंग मैकेनिज्म का फीचर शामिल किया है।
यह सुविधा आमतौर पर वॉल्वो बसों में मिलती है। इन बसों में इस सुविधा के होने से खराब और गड्ढों वाली सड़कों पर भी सवारियों को अपेक्षाकृत कम झटके लगेंगे। इस सिस्टम का पूरा नियंत्रण चालक के पास होगा। खराब सड़क या गड्ढों वाला रास्ता आने पर चालक नियंत्रित गति में एयर सस्पेंशन सिस्टम को सक्रिय कर बस की ग्राउंड क्लीयरेंस करीब 4 से 5 इंच तक बढ़ा सकेगा। इससे बस के निचले हिस्से, चेसिस और बॉडी को सड़क से लगने वाले नुकसान की संभावना कम होगी। अधिक गति पर इस सिस्टम का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। खराब सड़क या गड्ढों की स्थिति में चालक को 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की नियंत्रित गति पर ही एयर सस्पेंशन सिस्टम का उपयोग करना होगा। एक बस की कीमत 1.25 करोड़ रुपये है।
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परिवहन निगम प्रबंधन ने पहाड़ी रास्तों पर सफर को आरामदायक बनाने और इस सिस्टम के उचित इस्तेमाल के लिए बस निर्माता कंपनी से निगम के चालकों को प्रशिक्षण देने को कहा है। निगम के डीएम टेक्निकल पवन शर्मा ने बताया कि नई खरीदी गई इलेक्ट्रिक बसों में वॉल्वो बसों की तरह यह खास फीचर दिया है। चालकों को एयर सस्पेंशन सुविधा के सही इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। नई इलेक्ट्रिक बसें सामान्य बसों से अलग हैं, इसलिए चालकों को इसके संचालन और तकनीकी सुविधाओं के बारे में विशेष प्रशिक्षण देना जरूरी है।
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सवारियों को कम लगेंगे झटके : शर्मा
निगम के डीएम टेक्निकल पवन शर्मा ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में बसें ग्रामीण और दूरदराज के रूटों पर भी चलती हैं। ऐसे में खराब सड़कों और गड्ढों वाले रास्तों पर एयर सस्पेंशन सिस्टम का इस्तेमाल करने से सवारियों को कम झटके लगेंगे और बसों को होने वाले नुकसान की संभावना भी घटेगी। सिस्टम के इस्तेमाल से बस की ग्राउंड क्लीयरेंस बढ़ जाती है, जिससे चेसिस और अन्य निचले हिस्सों के सड़क से टकराने का खतरा कम हो जाता है।



ऐसे काम करता है एयर सस्पेंशन सिस्टम
एयर सस्पेंशन सिस्टम पारंपरिक लोहे की कमानी की जगह हवा से भरे रबर के बैग का इस्तेमाल करता है, जिन्हें एयर स्प्रिंग या बैलोज कहा जाता है। यह सिस्टम सफर को आरामदायक बनाने के साथ बस के भार के अनुसार उसकी ऊंचाई को भी एडजस्ट करता है। सिस्टम में लगे मजबूत रबर के एयर बैग हवा के दबाव के जरिये बस का भार संभालते हैं। हवा एयर स्प्रिंग में दबाव बनाए रखती है, जिससे सड़क के गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ हिस्सों से गुजरते समय झटकों का असर कम होता है।
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