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हिमाचल: घेपन झील का दायरा बढ़ा, चंद्रभागा किनारे 32 रिहायशी क्षेत्रों में बाढ़ की मार्किंग; जानें विस्तार से
Thu, 03 Sep 2026 10:33 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:33 AM IST
सार
लाहौल-स्पीति की घेपन हिमनदीय झील का दायरा करीब 176 फीसदी बढ़ने के बाद प्रशासन ने संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। सिस्सू से पांगी के संसारी बॉर्डर तक चंद्रभागा नदी किनारे 32 रिहायशी क्षेत्रों में उच्चतम बाढ़ स्तर की मार्किंग की जा रही है। इन स्थानों पर 128 बुर्जियां लगाई जाएंगी। पांगी के पांच गांव भी चिह्नित किए गए हैं।
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घेपन झील
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
लाहौल-स्पीति की घेपन हिमनदीय झील का दायरा करीब 176 फीसदी बढ़ने के बाद प्रशासन ने संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। चंद्रभागा नदी के किनारे बसे रिहायशी क्षेत्रों में उच्चतम बाढ़ स्तर यानी एचएफएल की मार्किंग की जा रही है। सिस्सू से पांगी के संसारी बॉर्डर तक 32 रिहायशी क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर करीब 128 बुर्जियां स्थापित की जाएंगी।
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जल शक्ति विभाग ने हाइड्रोलॉजी विभाग हिमाचल प्रदेश से एचएफएल मार्किंग की अनुमति लेने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की है। प्रत्येक एचएफएल मार्किंग स्थल पर चार बुर्जियां लगाई जाएंगी। इनमें दो बुर्जियां वर्तमान में चंद्रभागा नदी के बहाव वाले स्थान पर और दो संभावित उच्चतम बाढ़ स्तर को दर्शाने वाले स्थान पर स्थापित की जाएंगी। प्रशासन का उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में पानी के पहुंचने वाले क्षेत्रों की पहचान करना है, ताकि संवेदनशील आबादी और महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को लेकर समय रहते सुरक्षा योजना तैयार की जा सके।
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पांगी के पांच गांव भी खतरे के दायरे में
चंबा जिले के पांगी उपमंडल में भी एचएफएल मार्किंग के लिए पांच गांवों को चिह्नित किया गया है। इनमें फिंडपार, फिंडरू, अजोग, टड और शौर शामिल हैं। प्रशासन ने इन गांवों में चंद्रभागा नदी के किनारे बने घरों को भी चिह्नित किया है। ग्रामीणों को नदी के किनारे की जमीन पर नए मकान नहीं बनाने की हिदायत दी जा रही है। प्रशासन पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठकें कर नदी से सुरक्षित दूरी पर स्थित घरों को भी चिह्नित कर रहा है।
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40 मीटर दायरे में सरकारी संस्थान होंगे शिफ्ट
एचएफएल मार्किंग पूरी होने के बाद पुर्थी पंचायत में चंद्रभागा नदी से करीब 40 मीटर के दायरे में स्थित महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने पर भी चर्चा हुई है। इनमें पुलिस चौकी, स्वास्थ्य केंद्र और शहीद दीनानाथ स्कूल शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए नदी के नजदीक स्थित महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है।
गांवों में लोगों को दी जा रही हिदायत
आवासीय आयुक्त पांगी अमन दीप ने कहा कि जिन गांवों में लोगों की जमीन नदी से सटी हुई है, वहां नए मकान नहीं बनाने की हिदायत दी जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठकें कर नदी से कुछ दूरी पर स्थित घरों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता केलांग अजय गुप्ता ने बताया कि सरकार के आदेश के बाद एचएफएल मार्किंग का काम शुरू किया गया है। सिस्सू से पांगी के संसारी बॉर्डर तक 32 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां कुल 128 बुर्जियां स्थापित की जाएंगी।
एचएफएल मार्किंग पूरी होने के बाद पुर्थी पंचायत में चंद्रभागा नदी से करीब 40 मीटर के दायरे में स्थित महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने पर भी चर्चा हुई है। इनमें पुलिस चौकी, स्वास्थ्य केंद्र और शहीद दीनानाथ स्कूल शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए नदी के नजदीक स्थित महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है।
गांवों में लोगों को दी जा रही हिदायत
आवासीय आयुक्त पांगी अमन दीप ने कहा कि जिन गांवों में लोगों की जमीन नदी से सटी हुई है, वहां नए मकान नहीं बनाने की हिदायत दी जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठकें कर नदी से कुछ दूरी पर स्थित घरों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता केलांग अजय गुप्ता ने बताया कि सरकार के आदेश के बाद एचएफएल मार्किंग का काम शुरू किया गया है। सिस्सू से पांगी के संसारी बॉर्डर तक 32 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां कुल 128 बुर्जियां स्थापित की जाएंगी।