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Shimla News: धमाके के दूसरे दिन बंद रहा मिडल बाजार, सामान समेटते रहे कारोबारी
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शिवमंदिर तक अभी सील है बाजार का हिस्सा
दिन भर चलती रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के मिडल बाजार में हुए धमाके के दूसरे दिन बुधवार को मिडल बाजार बंद रहा। धमाके में कारोबारी की मौत के चलते कारोबारियों ने दुकानें बंद रखीं। पुलिस ने भी शिवमंदिर के पास का बाजार जांच के लिए सील रखा।
मालरोड पर भी प्रभावित दुकानों वाले क्षेत्र को सील किया गया है। इनमें दुकानदारों को भी जाने की अनुमति नहीं दी गई। मौके पर सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। धमाके से 70 मीटर की दूरी पर बने भवनों के शीशे और सीलिंग तक टूट गई है। इसके अलावा जिस भवन की धरातल मंजिल में यह धमाका हुआ, उसकी चौथी मंजिल तक के शीशे टूट चुके हैैं। बुधवार सुबह ही कारोबारी मौके पर पहुंचे और पुलिस की देखरेख में कुछेक ने अपना सामान समेटा। सुबह करीब 11:30 बजे महापौर सुरेंद्र चौहान, उपमहापौर उमा कौशल भी मौके पर पहुंची तथा प्रभावितों से बात कर उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। महापौर ने रेस्तरां का फूड लाइसेंस भी चेक करवाया जो सही पाया गया।
1905 से पहले बना है भवन
नगर निगम के अनुसार जिस भवन में यह धमाका हुआ है, वह 1905 से पहले का बना हुआ है। नगर निगम ने इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी है। धमाके के बाद यह भवन और साथ लगते अन्य भवन कितने सुरक्षित हैं, इसकी अभी जांच होना बाकी है। पुलिस की जांच जारी होने के कारण नगर निगम की तकनीकी कमेटी बुधवार को भवन के भीतर जाकर इसकी जांच नहीं कर पाई है। नगर निगम वास्तुकार महबूब शेख ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट जांच के बाद ही दे पाएंगे।
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ऐसा लगा मानों बम फटा हो
धमाके से दुकान के सारे शीशे चकनाचूर हो गए। इनमें रखे गहने टूट गए और कांच समेत बाहर रास्ते पर जा गिरेे। बाहर दौड़े तो देखा कि कुछ लोग यहां टूटे हुए सामान के नीचे दबे पड़े थे। धमाके से कई दुकानों की खिड़कियां और दरवाजे टूट गए हैं।
-अतुल टांगरी, मालिक टांगरी ज्वैलर्स
बिजली तारें जलते देखा
जिस समय यह धमाका हुआ, हम ढाबे पर थे। बाहर दौड़े तो देखा कि धमाके वाली जगह पर बिजली के कुछ तार जल रहे हैं। गली में कांच और लकड़ी टूटी पड़ी थी। कुछ देर तो उधर जाने की हिम्मत भी नहीं हुई। सब लोग डरे हुए थे।
-विजय शर्मा, ढाबा संचालक मिडल बाजार
दुकान तहस नहस, बस जान बच गई
रेस्तरां के साथ मेरी कपड़े की दुकान है। हम दुकान पर थे कि जोरदार धमाके से सारी दुकान तहस नहस हो गई। बाहर भागने के लिए रास्ता भी नहीं मिल रहा था। गनीमत रही कि हमें चोटें तक नहीं लगी।
-विनोद कुमार, कारोबारी मिडल बाजार
गैस एजेंसी को लिखेंगे पत्र
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि गैस एजेंसियों को ऐसे हादसों को लेकर लोगों खासकर होटल और ढाबा मालिकों को जागरूक करना चाहिए। गैस लीकेज पर क्या करें, आगजनी से कैसे बचाव करें, इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। कहा कि इस बारे में एजेंसियों और पुलिस को पत्र भेजा जा रहा है।
बाजारों में अतिक्रमण और लटक रहे बिजली तार घातक
राजधानी के बाजारों में अचानक होने वाले इन हादसों को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन गंभीर नहीं है। बाजारों में अतिक्रमण इतना ज्यादा है कि एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां भी मुश्किल से गुजर पाती हैं। सड़कों पर तहबाजारी बैठे हैं तो कारोबारियों ने भी अपनी दुकानें आगे की ओर सरका दी हैं। ऊपर से बिजली तार झूल रहे हैं। इन सबसे से निपटने के लिए प्रशासन के पास कोई योजना नहीं है। मिडल बाजार में भी कई कारोबारियों ने अतिक्रमण कर रखा है। दुकानों के बोर्ड आगे गलियों की ओर झुके हैं।
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दिन भर चलती रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के मिडल बाजार में हुए धमाके के दूसरे दिन बुधवार को मिडल बाजार बंद रहा। धमाके में कारोबारी की मौत के चलते कारोबारियों ने दुकानें बंद रखीं। पुलिस ने भी शिवमंदिर के पास का बाजार जांच के लिए सील रखा।
मालरोड पर भी प्रभावित दुकानों वाले क्षेत्र को सील किया गया है। इनमें दुकानदारों को भी जाने की अनुमति नहीं दी गई। मौके पर सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। धमाके से 70 मीटर की दूरी पर बने भवनों के शीशे और सीलिंग तक टूट गई है। इसके अलावा जिस भवन की धरातल मंजिल में यह धमाका हुआ, उसकी चौथी मंजिल तक के शीशे टूट चुके हैैं। बुधवार सुबह ही कारोबारी मौके पर पहुंचे और पुलिस की देखरेख में कुछेक ने अपना सामान समेटा। सुबह करीब 11:30 बजे महापौर सुरेंद्र चौहान, उपमहापौर उमा कौशल भी मौके पर पहुंची तथा प्रभावितों से बात कर उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। महापौर ने रेस्तरां का फूड लाइसेंस भी चेक करवाया जो सही पाया गया।
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1905 से पहले बना है भवन
नगर निगम के अनुसार जिस भवन में यह धमाका हुआ है, वह 1905 से पहले का बना हुआ है। नगर निगम ने इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी है। धमाके के बाद यह भवन और साथ लगते अन्य भवन कितने सुरक्षित हैं, इसकी अभी जांच होना बाकी है। पुलिस की जांच जारी होने के कारण नगर निगम की तकनीकी कमेटी बुधवार को भवन के भीतर जाकर इसकी जांच नहीं कर पाई है। नगर निगम वास्तुकार महबूब शेख ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट जांच के बाद ही दे पाएंगे।
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ऐसा लगा मानों बम फटा हो
धमाके से दुकान के सारे शीशे चकनाचूर हो गए। इनमें रखे गहने टूट गए और कांच समेत बाहर रास्ते पर जा गिरेे। बाहर दौड़े तो देखा कि कुछ लोग यहां टूटे हुए सामान के नीचे दबे पड़े थे। धमाके से कई दुकानों की खिड़कियां और दरवाजे टूट गए हैं।
-अतुल टांगरी, मालिक टांगरी ज्वैलर्स
बिजली तारें जलते देखा
जिस समय यह धमाका हुआ, हम ढाबे पर थे। बाहर दौड़े तो देखा कि धमाके वाली जगह पर बिजली के कुछ तार जल रहे हैं। गली में कांच और लकड़ी टूटी पड़ी थी। कुछ देर तो उधर जाने की हिम्मत भी नहीं हुई। सब लोग डरे हुए थे।
-विजय शर्मा, ढाबा संचालक मिडल बाजार
दुकान तहस नहस, बस जान बच गई
रेस्तरां के साथ मेरी कपड़े की दुकान है। हम दुकान पर थे कि जोरदार धमाके से सारी दुकान तहस नहस हो गई। बाहर भागने के लिए रास्ता भी नहीं मिल रहा था। गनीमत रही कि हमें चोटें तक नहीं लगी।
-विनोद कुमार, कारोबारी मिडल बाजार
गैस एजेंसी को लिखेंगे पत्र
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि गैस एजेंसियों को ऐसे हादसों को लेकर लोगों खासकर होटल और ढाबा मालिकों को जागरूक करना चाहिए। गैस लीकेज पर क्या करें, आगजनी से कैसे बचाव करें, इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। कहा कि इस बारे में एजेंसियों और पुलिस को पत्र भेजा जा रहा है।
बाजारों में अतिक्रमण और लटक रहे बिजली तार घातक
राजधानी के बाजारों में अचानक होने वाले इन हादसों को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन गंभीर नहीं है। बाजारों में अतिक्रमण इतना ज्यादा है कि एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां भी मुश्किल से गुजर पाती हैं। सड़कों पर तहबाजारी बैठे हैं तो कारोबारियों ने भी अपनी दुकानें आगे की ओर सरका दी हैं। ऊपर से बिजली तार झूल रहे हैं। इन सबसे से निपटने के लिए प्रशासन के पास कोई योजना नहीं है। मिडल बाजार में भी कई कारोबारियों ने अतिक्रमण कर रखा है। दुकानों के बोर्ड आगे गलियों की ओर झुके हैं।