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मंत्री के सामने अफसरों पर भड़क गई महापौर
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शिमला के भटाकुफर में जनमंच कार्यक्रम में बोलती महापौर। संवाद
- फोटो : SHIMLA CITY
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शिमला। जनमंच कार्यक्रम के दौरान अचानक महापौर सत्या कौंडल नगर निगम के अधिशासी अभियंता पर भड़क गईं। मंत्री सुरेश भारद्वाज के सामने ही महापौर स्टेज पर खड़ी हो गईं और माइक लेकर अपने अभियंता से ही सवाल पूछने लगीं।
मेयर ने पूछा कि पेट्रोल पंप के पास पार्किंग बनाने के लिए जो टेंडर किया गया, वह किससे पूछकर किया गया। यह शहरी विधानसभा का क्षेत्र है और उनका वार्ड भी है। ऐसे में उनसे बिना पूछे कैसे टेंडर किया गया। महापौर को अचानक इतने गुस्से में देखकर अफसर भी चुप हो गए। मंत्री हैरान थे, लेकिन उन्होंने तुरंत ही मामला शांत किया। नगर निगम के अनुसार पेट्रोल पंप के पास खाली जमीन पर पार्किंग बनाने के लिए संजौली के साथ लगते शांति विहार वार्ड की पार्षद ने प्रस्ताव दिया था। शांति विहार वार्ड कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में आता है, जबकि संजौली वार्ड शिमला शहर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। नगर निगम ने जनहित के इस प्रस्ताव पर पार्किंग बनाने के लिए टेंडर कर दिया। अफसरों को यह जानकारी नहीं थी कि यह वार्ड महापौर का है।
उधर, महापौर नाराज थीं कि दूसरे वार्ड के पार्षद के कहने पर उनके वार्ड के भीतर कैसे निगम ने टेंडर कर दिया। हालांकि, जब अफसरों से बात की तो मेयर शांत हुईं। मेयर ने कहा कि अफसरों को जगह की जानकारी नहीं है। लेकिन, जिस पार्षद ने यह प्रस्ताव बनाया, उन्हें सब पता है। जानबूझकर उनके वार्ड में घुसने की कोशिश की जा रही है।
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मेयर ने पूछा कि पेट्रोल पंप के पास पार्किंग बनाने के लिए जो टेंडर किया गया, वह किससे पूछकर किया गया। यह शहरी विधानसभा का क्षेत्र है और उनका वार्ड भी है। ऐसे में उनसे बिना पूछे कैसे टेंडर किया गया। महापौर को अचानक इतने गुस्से में देखकर अफसर भी चुप हो गए। मंत्री हैरान थे, लेकिन उन्होंने तुरंत ही मामला शांत किया। नगर निगम के अनुसार पेट्रोल पंप के पास खाली जमीन पर पार्किंग बनाने के लिए संजौली के साथ लगते शांति विहार वार्ड की पार्षद ने प्रस्ताव दिया था। शांति विहार वार्ड कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में आता है, जबकि संजौली वार्ड शिमला शहर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। नगर निगम ने जनहित के इस प्रस्ताव पर पार्किंग बनाने के लिए टेंडर कर दिया। अफसरों को यह जानकारी नहीं थी कि यह वार्ड महापौर का है।
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उधर, महापौर नाराज थीं कि दूसरे वार्ड के पार्षद के कहने पर उनके वार्ड के भीतर कैसे निगम ने टेंडर कर दिया। हालांकि, जब अफसरों से बात की तो मेयर शांत हुईं। मेयर ने कहा कि अफसरों को जगह की जानकारी नहीं है। लेकिन, जिस पार्षद ने यह प्रस्ताव बनाया, उन्हें सब पता है। जानबूझकर उनके वार्ड में घुसने की कोशिश की जा रही है।
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