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Shimla News: चिट्टे तस्करी के मुख्य सरगना को अभी जेल में ही रहना होगा
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अदालत ने जमानत याचिका की खारिज, 14 ग्राम चिट्टे की बरामदगी से जुड़ा है मामला
तारादेवी के पास पकड़े नशे के मामले में किया है गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एनडीपीएस कोर्ट ने चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के मामले में आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। विशेष न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने मामले की गंभीरता और आरोपी की संलिप्तता को देखते हुए यह सख्त फैसला सुनाया है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया में यह प्रतीत होता है कि आरोपी उत्तर भारत के क्षेत्रों में हेरोइन का मुख्य सप्लायर है। न्यायाधीश ने कहा कि अभी जांच जारी है और मोबाइल डाटा का विश्लेषण किया जाना बाकी है। ऐसे में आरोपी को जमानत पर रिहा करना समाज के हित में नहीं होगा और इससे जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने कहा कि न्याय के हित में आरोपी को हिरासत में रखना आवश्यक है। मामला 18 मई 2026 का है जब बालूगंज थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तारादेवी के पास एक कार से 14 ग्राम चिट्टा बरामद किया था।
इस दौरान कार सवार जय सिंगला को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान जय सिंगला ने खुलासा किया कि उसने यह नशा कुलदीप सिंह से खरीदा था जिसे पंजाब के मोगा निवासी अमृतपाल सिंह ने उपलब्ध करवाया था। पुलिस जांच में पाया गया कि आरोपी कुलदीप सिंह और अमृतपाल से चिट्टा खरीदकर उसे आगे बेचता था और पैसों का लेनदेन बैंक स्कैनर/क्यूआर कोड के जरिये होता था। अमृतपाल सिंह के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि आरोपी को केवल कॉल डिटेल और सह-आरोपी के बयानों के आधार पर फंसाया है और वह समानता के आधार पर जमानत का हकदार है। अभियोजन पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया और बताया कि आरोपी न केवल इस मामले में बल्कि पिंजौर (पंचकूला) में दर्ज एक अन्य एनडीपीएस मामले में भी नामजद है।
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तारादेवी के पास पकड़े नशे के मामले में किया है गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एनडीपीएस कोर्ट ने चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के मामले में आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। विशेष न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने मामले की गंभीरता और आरोपी की संलिप्तता को देखते हुए यह सख्त फैसला सुनाया है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया में यह प्रतीत होता है कि आरोपी उत्तर भारत के क्षेत्रों में हेरोइन का मुख्य सप्लायर है। न्यायाधीश ने कहा कि अभी जांच जारी है और मोबाइल डाटा का विश्लेषण किया जाना बाकी है। ऐसे में आरोपी को जमानत पर रिहा करना समाज के हित में नहीं होगा और इससे जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने कहा कि न्याय के हित में आरोपी को हिरासत में रखना आवश्यक है। मामला 18 मई 2026 का है जब बालूगंज थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तारादेवी के पास एक कार से 14 ग्राम चिट्टा बरामद किया था।
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इस दौरान कार सवार जय सिंगला को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान जय सिंगला ने खुलासा किया कि उसने यह नशा कुलदीप सिंह से खरीदा था जिसे पंजाब के मोगा निवासी अमृतपाल सिंह ने उपलब्ध करवाया था। पुलिस जांच में पाया गया कि आरोपी कुलदीप सिंह और अमृतपाल से चिट्टा खरीदकर उसे आगे बेचता था और पैसों का लेनदेन बैंक स्कैनर/क्यूआर कोड के जरिये होता था। अमृतपाल सिंह के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि आरोपी को केवल कॉल डिटेल और सह-आरोपी के बयानों के आधार पर फंसाया है और वह समानता के आधार पर जमानत का हकदार है। अभियोजन पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया और बताया कि आरोपी न केवल इस मामले में बल्कि पिंजौर (पंचकूला) में दर्ज एक अन्य एनडीपीएस मामले में भी नामजद है।
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