पूर्व सरकार के फैसले को लेकर बैकफुट पर सरकार, जानिए क्या है वजह
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पूर्व कांग्रेस सरकार के फैसले पलटने को लेकर जयराम सरकार अब बैकफुट पर आती दिख रही है। अप्रैल 2017 के बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार ने धड़ाधड़ शिक्षण, स्वास्थ्य सहित कई संस्थान खोले थे।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने ऐसे कई संस्थानों को बंद करने की तैयारी कर ली है। लेकिन आखिरी फैसला लेने से पहले सरकार अब अपने विधायकों से राय लेगी। सरकार को डर है कि संस्थान बंद करने से कहीं संबंधित क्षेत्रों के लोगों में असंतोष ने फैले।
इसी आशंका के मद्देनजर सरकार फूंक -फूंक कर कदम उठा रही है। धर्मशाला में बीते शनिवार को कैबिनेट की बैठक में महकमों को संस्थानों को बंद करने संबंधी प्रस्ताव विधायकों को भेजने के निर्देश जारी किए हैं। सोमवार को सचिवालय में अफसर इसी काम में जुटे रहे।
वीरभद्र सरकार में हुए थे ये निर्णय
वीरभद्र सरकार के समय में पहली अप्रैल, 2017 के बाद करीब 127 स्कूल अपग्रेड हुए और 16 नए डिग्री कॉलेज खुले। तीन निजी कॉलेजों का अधिग्रहण किया गया। कई नए आईटीआई भी खोलने का एलान किया गया।
सरकार के शिक्षा मंत्री ही कह चुके हैं कि कई संस्थान तो बिना बजट प्रावधान के ही खोल दिए गए हैं। शनिवार की कैबिनेट बैठक में शिक्षा महकमा की ओर से प्रस्तावों की समीक्षा पेश की गई। बैठक में इन पर चर्चा हुई, लेकिन आधी अधूरी जानकारी के चलते महकमे के प्रस्ताव लौटा दिए।
कैबिनेट इन संस्थानों को बंद करने को लेकर दुविधा में आ गई है। यही कारण है कि अब सरकार ने संस्थानों से संबंधित कोई भी निर्णय लेने के लिए बीच का रास्ता निकाला है। सरकार अपनी पार्टी के विधायकों से राय लेने के बाद ही अंतिम फैसला लेगी।