फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   The increased traffic in Lakkar Bazaar has upset traders, and they demand a ban.

Shimla News: लक्कड़ बाजार में गाड़ियों की आवाजाही बढ़ने से कारोबारी परेशान, रोक की मांग

Sat, 03 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
The increased traffic in Lakkar Bazaar has upset traders, and they demand a ban.
बाजार का हाल...
विज्ञापन

जिली तार के जंजाल से बिगड़ रही बाजार की सूरत, आरकेएमवी सड़क के चौक पर बैठने के लिए लगाएं बेंच
बाजार में रह गई हैं लकड़ी के सामान की चंद दुकानें

समय के बदल गया है लक्कड़ बाजार का स्वरूप
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लकड़ी से बने खिलौनों, घरों में उपयोग होने वाले सजावटी सामान सहित बुजुर्गों के सहारे के लिए लकड़ी की नक्काशी वाली लाठियों की बिक्री के लिए चर्चित रहे लक्कड़ बाजार में समय के साथ बिकने वाला सामान भी बदल गया है।
बाजार का स्वरूप अब बदल चुका है। दुकानों में लकड़ी का सामान बिकता है, लेकिन शिमला में स्थानीय स्तर पर तैयार सामान बेचने वाली दुकानें और कारीगर अब कम हो गए हैं। बाजार में आए बदलाव के साथ यहां कुछ समस्याएं भी बढ़ी हैं। पहले इस बाजार से केवल आईजीएमसी आने-जाने वाली एंबुलेंस ही गुजरती थीं लेकिन अब एचआरटीसी की टैक्सियों सहित निजी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे बाजार में खरीदारी करने आने वाले पर्यटकों और आम लोगों के साथ कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


बाजार के किनारे लगे खंभों में बेतरतीब ढंग से लटके बिजली तार भी परेशानी खड़ी कर रहे हैं। यही नहीं बाजार में बने आरकेएमवी सड़क के एकमात्र चौक में वर्षों से कारोबारी नगर निगम से लोगों के बैठने के लिए बेंच लगाने की मांग कर रहे हैं, जो आज तक पूरी नहीं हुई है। कारोबारियों की मांग है कि बाजार में निजी और सरकारी वाहनों की आवाजाही बंद की जाए। इस ऐतिहासिक बाजार का अपना इतिहास है। ऐसे में कारोबारी प्रशासन से इसमें सुधार करने और समस्याओं को दूर करने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



बाजार में बंद होनी चाहिए वाहनों की एंट्री
लक्कड़ बाजार में शिमला आने वाला हर पर्यटक आता है, लेकिन यहां दिनोंदिन निजी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। यह वाहन बाजार के बीच में लगे बैरियर तक आने लगे हैं। इससे ग्राहकों को पैदल चलना मुश्किल हो जाता है और हादसे की संभावना भी बढ़ गई है। पुलिस की चौकसी को बाजार के बीच से हटाकर आईजीएमसी से सौ मीटर आगे शिफ्ट किया जाना चाहिए।
-सुरेंद्र पाल, कारोबारी


बाजार से हटाया जाए तारों का जंजाल
बाजार की सड़क के किनारे लगे खंभों और बाजार के ऊपर से निजी कंपनियों की इंटरनेट फाइबर केबल बेतरतीब ढंग से लटक रही हैं। इनका जाल बढ़ता जा रहा है, इसे बाजार से हटाया जाना जरूरी है। वहीं बाजार में बिजली की लाइन को भी डक्ट बनाकर भूमिगत किया जाना चाहिए, जिससे बाजार सुंदर और आकर्षक नजर आए।
-डॉ. अनिल गुप्ता, कारोबारी


चौक पर लगाए जाएं बैठने के लिए बेंच
लक्कड़ बाजार में कारोबारियों ने आरकेएमवी, आईजीएमसी और मालरोड की ओर आने वाली सड़कों के बीच एक चौक को सुंदर बनाया है। इस चौक पर बुजुर्गों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच लगाए जाने चाहिए, ताकि वह कुछ देर आराम कर सकें।
-अविनाश शर्मा, लक्कड़ बाजार


तहबाजारियों को न दी जाए अनुमति
शिमला में लक्कड़ बाजार से नगर निगम ने न्यायालय के आदेशों पर तहबाजारियों को हटाने के लिए कार्रवाई की है, लेकिन शाम ढलते ही सड़क किनारे तहबाजारी सामान लेकर बैठने लगते हैं। नो वेंडिंग जोन घोषित इस बाजार में तहबाजारियों को न बैठने दिया जाए, ताकि दुकान लेकर कारोबार कर रहे कारोबारियों का व्यवसाय सुचारू रूप से चल सके।

-रोहित, कारोबारी


कारिगरों के कल्याण के लिए उठाएं कदम
लक्कड़ बाजार में स्थानीय स्तर पर और वर्षों से हाथ से लकड़ी का सामान, जैसे चाबी के छल्ले और सजावट का सामान आदि बनाने वाले लोगों के कल्याण के लिए भी कोई पहल की जानी चाहिए। इससे लक्कड़ बाजार की पहचान-लकड़ी का स्थानीय सामान बनाने और बेचने को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में आठ से दस लोग ऐसे हैं, जो चाबी के छल्लों पर नाम लिखकर बेचने का काम करते हैं। यह पर्यटकों के लिए एक यादगार बन जाता है। नगर निगम और प्रशासन को इस कला को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाने चाहिए।
-राजू, हस्तशिल्पी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article