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जलसंकट पर अफसरों की हाईकोर्ट में लगेगी क्लास, इनको किया तलब

Tue, 29 May 2018 09:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Tue, 29 May 2018 09:19 AM IST
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The High Court has taken cognizance of the water crisis in the city of Shimla

राजधानी शिमला में पानी के असमान वितरण पर हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मंगलवार को नगर निगम आयुक्त और निगम अभियंता को कोर्ट के समक्ष तलब किया। 

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मंगलवार को भी इस मामले पर सुनवाई होगी। निगम के अफसरों को कोर्ट में मौजूद रहने के आदेश दिए गए हैं। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट से नगर निगम के सक्षम अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी करने की गुहार लगाई है ताकि शिमला शहर में रह रहे लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी मुहैया करवाया जा सके।
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प्रदेश हाईकोर्ट के ध्यान में तथ्य लाया गया कि शिमला के लोगों को पिछले आठ दिनों से पानी नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा इस मामले पर पहले ही संज्ञान ले लिया गया है।
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इस बाबत कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने महाधिवक्ता की बात से सहमति जताते हुए कहा कि इस समस्या का समाधान हमेशा के लिए करने के लिए चेकडैम व बड़े जलाशय का निर्माण किया जा सकता है। 

हाईकोर्ट ने ये कहा

The High Court has taken cognizance of the water crisis in the city of Shimla

ताकि बड़ी मात्रा में जल संग्रह किया जा सके और उस पानी का इस्तेमाल पानी की कमी के दौरान गर्मियों के महीनों में किया जा सके। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे के अलावा यह भी जानना जरूरी है कि क्या शिमला शहर में होने वाले नए निर्माणों को स्वीकृति प्रदान की जा सकती है।

विशेषता तब जब शिमला नगर निगम की परिधि में उसका अपना कोई स्थाई पानी का साधन नहीं है। कोर्ट ने पूछा कि क्या दूरदराज से नदी के माध्यम से पंप द्वारा पानी उठाया जा सकता है।

कोर्ट ने कहा कि इस विषय पर भी विचार करना आवश्यक है कि क्या शिमला में बढ़ती जनसंख्या को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध करवाने के लिए पानी का संग्रह करने के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध है या नहीं।    

पानी की कमी पर वकीलों ने किया अदालतों का बहिष्कार

The High Court has taken cognizance of the water crisis in the city of Shimla
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 हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के वकीलों ने शिमला में पानी के असमान वितरण पर रोष स्वरूप सोमवार को अदालतों का बहिष्कार किया। जिला बार एसोसिएशन शिमला ने भी पानी की कमी से जूझ रही स्थानीय जनता के साथ खड़े रहते हुए अदालतों का बहिष्कार किया।

हाईकोर्ट व ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकार व नगर निगम शिमला से अपील की कि शिमला शहर में पानी के वितरण को दुरुस्त कर सभी लोगों को पर्याप्त पानी मुहैया कराएं। वकीलों ने निर्णय लिया है कि

यदि पानी के वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई तो उन्हें आने वाले दिनों में अदालतों के बहिष्कार के निर्णय को बढ़ाने पर फैसला लेना पड़ेगा। सोमवार सुबह साढ़े 9 बजे हाईकोर्ट में वकीलों ने आपातकालीन बैठक की, इसमें सोमवार को अदालतों के बहिष्कार का निर्णय लिया।

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