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राज्यपाल ने वापिस लौटा दी धूमल की फाइल
Updated Wed, 21 Jan 2015 10:59 AM IST
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पूर्व आईपीएस अधिकारी एएन शर्मा को सेवा विस्तार देने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के खिलाफ अभियोजन मंजूरी की फाइल राजभवन ने सरकार को लौटा दी है।
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कानूनी सलाह के बाद राजभवन की तरफ से यह कहा गया है कि भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार खुद सक्षम है। इसमें राजभवन की सलाह की कोई जरूरत नहीं है।
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सूत्र बताते हैं कि धूमल पर केस चलाने की स्वीकृति देने के बजाय राज्यपाल ने बीच का रास्ता निकाला है ताकि जाते-जाते किसी तरह का विवाद खड़ा न हो।
इसमें तर्क दिया गया है कि हरियाणा में अभय चौटाला और पंजाब में प्रकाश सिंह बादल पर जब कांग्रेस सरकारों ने मुकदमा चलाया था, उस समय भी राज्यपाल से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ी थी।
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जनवरी के पहले सप्ताह में ही प्रदेश सरकार ने नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल पर मुकदमा चलाने की मंजूरी की फाइल राज्यपाल को भेजी थी।
क्या था मामला
आरोप हैं कि 2007 के विस चुनाव में एएन शर्मा नादौन क्षेत्र से भाजपा से टिकट के दावेदार थे। टिकट लेने की प्रक्रिया में उन्होंने सेवानिवृत्ति को आवेदन किया। उन्हें सेवानिवृत्ति देने की अधिसूचना को सरकार ने बाद में वापस ले लिया था।
टिकट नहीं मिलने के बाद एएन शर्मा पुलिस सेवाओं में लौट आए। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद विजिलेंस ने इसे सरकारी शक्तियों का दुरुपयोग बताते हुए मामला दर्ज किया।
मामले की जांच पूरी करने के बाद अब विजिलेंस ने इसमें पूर्व मुख्य सचिव, पूर्व गृह सचिव और पूर्व मुख्यमंत्री पर भी मुकदमा शुरू करने की मंजूरी मांगी है।
टिकट नहीं मिलने के बाद एएन शर्मा पुलिस सेवाओं में लौट आए। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद विजिलेंस ने इसे सरकारी शक्तियों का दुरुपयोग बताते हुए मामला दर्ज किया।
मामले की जांच पूरी करने के बाद अब विजिलेंस ने इसमें पूर्व मुख्य सचिव, पूर्व गृह सचिव और पूर्व मुख्यमंत्री पर भी मुकदमा शुरू करने की मंजूरी मांगी है।