फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   The father will plant five saplings in the name of every daughter born in Himachal

हिमाचल में जन्मी हर बेटी के नाम पर पांच पौधे लगाएगा पिता, ये है मकसद

Sat, 28 Sep 2019 11:42 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 28 Sep 2019 11:42 AM IST
विज्ञापन
The father will plant five saplings in the name of every daughter born in Himachal
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

देवभूमि हिमाचल में जन्म लेने वाली हर बेटी के नाम पर उसका पिता पांच-पांच पौधे लगाएगा। प्रदेश सरकार ने एक बूटा बेटी के नाम योजना की अधिसूचना जारी कर दी है।

विज्ञापन


वन विभाग बेटी के परिवार को पौधे मुहैया कराएगा। बेटी के पिता को एक किट दी जाएगी, जिसमें पौधरोपण व देखभाल से संबंधित निर्देशों के अलावा एक प्लांट गार्ड, वर्मिकंपोस्ट का एक पैकेट और बेटी के नाम की नेम प्लेट होगी।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बजट घोषणा में एक बूटा बेटी के नाम योजना का एलान किया था। अतिरिक्त मुख्य सचिव वन राम सुभग सिंह ने बताया कि योजना के तहत वन विभाग के अधिकारी हर महीने पहले हफ्ते में पंचायत या नगर निकाय कार्यालय से क्षेत्र में जन्मे नए शिशुओं की जानकारी लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


फारेस्ट रेंज स्तर पर इसकी सूची बनाई जाएगी। साल में दो बार मानसून और शीत पौधरोपण सीजन में ये पौधे वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में माता-पिता रोपेंगे।

पौधे लगाने के दो साल के दौरान अगर पौधा सूख जाता है तो उसकी जगह दूसरा पौधा उपलब्ध कराया जाएगा। निजी भूमि के अलावा सरकारी वन भूमि या स्मृति वाटिका में पौधे रोपे जाएंगे। 

17 साल से पहले नहीं काट सकेंगे पेड़

The father will plant five saplings in the name of every daughter born in Himachal
फाइल फोटो

इन पर बेटी के नाम की पट्टिका होगी। पौधों के वितरण व पौधरोपण का वन विभाग रिकॉर्ड तैयार करेगा। जिस जगह पौधे लगाए जाएंगे, उसका जीपीएस कोआर्डिनेट रखा जाएगा। समय-समय पर इन स्थानों की चेकिंग की जाएगी। 

35.33 करोड़ से पांच साल के लिए तैयार की गई इस योजना में निजी भूमि में पेड़ों को काटने के लिए एचपी लैंड प्रेजरवेशन एक्ट के तहत मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। सामान्य पौधों के 17 साल के होने से पहले इन्हें काटा नहीं जा सकेगा।

बांस प्रजाति के पौधे चार साल बाद काटे जा सकेंगे। वन क्षेत्र या स्मृति वाटिका में लगे पौधे नहीं काटे जा सकेंगे। इन पौधों में लगने वाले फल, फूल, पत्तियों को बिना पेड़ को नुकसान पहुंचाए इस्तेमाल उस पौधे को लगाने वाले बेटी के परिवार कर सकेंगे।

हर साल 1.10 प्रतिशत बढ़ेगी नवजात की संख्या

प्रदेश में इस साल 34 हजार 500 बेटियों ने जन्म लिया है। अगले पांच साल में 1.91 लाख बेटियों के जन्म लेने का अनुमान है। ऐसे में योजना लागू होने के पहले साल 1 लाख 87 हजार 500 और पांच साल में 11.50 लाख पौधे बांटे जाएंगे।

पौधा रोपने को बेटी के मां-बाप चाहें तो पौधे की च्वाइस बता सकेंगे। राम सुभग सिंह ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में फारेस्ट कवर 28.60 प्रतिशत है, जो योजना शुरू होने के बाद हर साल बढ़ना तय है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed