हिमाचल के लिए ये दिन लाता है आफत!
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हिमाचल में रविवार के दिन सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इस बात का खुलासा हाल ही में जीवीके ईएमआरआई प्रबंधन एवं अनुसंधान संस्थान ने किया है।
प्रदेश में चार वर्षों के दौरान सड़क दुर्घटनाओं के सर्वे में यह सच सामने आया है। इस संबंध में पूरी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भी सौंपी दी गई है।
इसमें प्रदेश के उन ब्लैंक स्पॉट का ब्यौरा भी दिया गया है जहां सबसे अधिक वाहन दुर्घटनाएं होती है। अब यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह उक्त रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाती है या नहीं।
रात के समय सबसे अधिक दुर्घटनाएं
यह औसत 6.5 दर्ज की गई। इसमें कहीं न कहीं आशंका यह भी रहत है कि कई मामलों में रात के समय लोग नशे का सेवन करके और ओवरस्पीड चलते हैं। यही वजह है कि रात के समय चालक की लापरवाही से हादसे बढ़ जाते हैं।
हादसों के बाद राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा द्वारा दिए गए राहत कार्यों से पता चलता है कि हादसों में घायल होने वाले 20 से 29 वर्ष के लोगों को बचाया जा सका है जबकि उम्रदराज लोगों की हादसों में सबसे ज्यादा मौत होती है। देखा गया है कि दुर्घटनाओं में 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के बचने की उम्मीद काफी कम रहती है।
21 फीसदी हादसे रविवार के दिन
इसका रिपोर्ट का आधार 108 राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा के तहत दी गई सड़क हादसों की सेवाओं के दौरान का रिकार्ड है। सर्वे दिसंबर 2010 से लेकर मई 2014 के बीच किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार इस बीच प्रदेश में कुल 22668 सड़क दुर्घटनाएं हुई। इन हादसों में घायलों की संख्या सबसे ज्यादा पुरूषों की करीब 18 हजार 254 थी जबकि 4 हजार 414 महिलाएं शामिल थी।
संस्थान द्वारा चार वर्षों के सर्वे में पता चला है कि हिमाचल में सर्वाधिक दुर्घटनाएं रविवार को दर्ज की गई हैं। कुल हादसों में से 21 प्रतिशत हादसे रविवार के दिन ही हुए हैं।
461 ब्लैक स्पॉट
रिपोर्ट में प्रदेश के उन दुर्घटना संभावित प्वाइंट का भी ब्यौरा दिया गया है जहां पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती है। प्रदेश में कुल 461 ब्लैक स्पॉट चिन्हित भी किए गए हैं।
इसमें दो से पांच बिंदुओं तक की ऑब्जर्वेशन भी दी है कि इनमें क्या किया जाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश के मार्केटिंग मैनेजर अभिषेक भंगालिया ने कहा कि यह रिपोर्ट सरकार के दुर्घटनाओं को रोकने के मद्देनजर नीति निर्माण में काम आ सकती है।
अभिषेक भंगालिया ने कहा कि यह रिपोर्ट वीरवार को प्रधान सचिव परिवहन, प्रधान सचिव लोक निर्माण और एनआरएचएम के प्रबंध निदेशक को दी है। उन्होंने कहा कि इसे आगे सभी उपायुक्तों और जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भी दिया जाएगा।