डिजिटल-पेपरलेस बनी हिमाचल विधानसभा
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हिमाचल की विधानसभा देश की पहली डिजिटल एसेंबली बन गई है। बुधवार को इसकी शुरुआत मानसून सत्र से हो गई। इसके साथ ही विधानसभा सदन का सारा कामकाज हाईटेक और पेपर लेस हो गया।
ई-विधान प्रोजेक्ट के तहत सदन में हर विधायक की सीट पर एक टच स्क्रीन लगाई गई है। ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है कि संबंधित विधायक की उंगली के टच से ही स्क्रीन ऑन होती है। सीएम वीरभद्र सिंह का टेबल ऐसा बनाया गया है कि जब वे खड़े होकर बोलते हैं तो टेबल भी ऊपर उठ जाता है।
पूरे दिन का बिजनेस एजेंडा, प्रश्न-उत्तर, विधेयक, सदन के पटल पर रखे जाने वाले कागज सब पीडीएफ फार्म में डिजिटलाइज करके डाले जाते हैं। टच करने से कागज के अंतिम पेज पर पहुंचा जा सकता है।
बटन पर टच करते ही सदन में चल रही कार्यवाही पर पहुंच सकते हैं। स्क्रीन पर वोटिंग के लिए प्रावधान किया गया है। सदन के भीतर चार एलसीडी लगाई गई हैं। इन पर विधायकों के बोलने का समय का पता चलता रहता है।
कार्यवाही के बीच स्पीकर-सचिव कर सकेंगे ‘चैटिंग’
ऐसा प्रावधान किया गया है कि सदन की कार्यवाही के बीच अगर स्पीकर को सचिव से कुछ पूछना हो तो वे अपने सामने लगी एक अन्य स्क्रीन पर अंगुली से लिखेंगे और उसे सेंड कर देंगे।
वह सीधा सचिव की स्क्रीन पर खुलेगा। सचिव उसका जवाब अपनी स्क्रीन पर अंगुली से लिखेंगे और उसे सेंड कर देंगे। इस तरह सीट से बगैर उठे और बिना बोले आपस में संवाद रख सकते हैं।सालाना 15 करोड़ रुपये की होगी बचत
स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल का दावा है कि ई-विधान से कुल 15 करोड़ रुपये की सालाना बचत होगी। करीब छह हजार पेड़ कटने से बच जाएंगे और पांच करोड़ रुपये के कागज बचेंगे। अफसरों के आने-जाने का समय और गाड़ियों आदि का खर्च बचेगा। विभाग प्रश्नों के उत्तर पीडीएफ फार्म में भेजते हैं।