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सीएम से बेनतीजा रही बैठक, शहर में जारी रहेगी ठेकेदारों की हड़ताल
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एमसी और लोनिवि के काम ठप, बर्फ हटाने का काम भी नहीं करवाएंगे ठेकेदार
शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन समेत लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की ओर से करवाए जा रहे निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। ठेकेदारों ने शनिवार से ही काम ठप कर दिया है। यही नहीं, बर्फ हटाने के लिए ठेकेदारों की ओर से दी गई जेसीबी मशीनें भी खड़ी कर दी हैं।
मांगों पर अड़े ठेकेदारों की शनिवार सुबह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ भी ओकओवर में बैठक हुई, लेकिन यह बेनतीजा ही रही। बैठक में लोक निर्माण विभाग और नगर निगम ठेकेदार यूनियन के पदाधिकारियों ने अपनी समस्याएं रखीं। यूनियन अध्यक्ष भूपेंद्र नरवाल ने कहा कि जीएसटी की दर 12 से 18 फीसदी होने से ठेकेदारों को नुकसान हो रहा है। सरकार इसे खत्म करे या फिर इसे निर्माणकार्य के एस्टिमेट में शामिल किया जाए। यूनियन ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले खनन पदार्थ पत्थर, रेता, बजरी आदि के लिए अनिवार्य किए गए एक्स और एम फार्म की औपचारिकता पर भी सवाल उठाए। कहा कि कई क्रशर मालिकों के पास यह फार्म नहीं है, जो क्रशर फार्म देते हैं, वह चार गाड़ी के अलग-अलग फार्म देने की बजाय एक ही फार्म देते हैं। इस शर्त को खत्म किया जाए और रायल्टी को दोबारा शुरू किया जाए। ठेकेदारों ने लोक निर्माण विभाग से सीमेंट की आपूर्ति करने की भी मांग उठाई है। अध्यक्ष के अनुसार मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना है और सोमवार तक इस पर कोई फैसला करने का आश्वासन दिया है। कहा कि जब तक कोई राहत भरा फैसला नहीं हो जाता, तब तक निर्माणकार्य ठप रहेंगे।
बर्फ हटाने के लिए नहीं देंगे
मशीनें, बढ़ सकता है संकट
ठेकेदार यूनियन ने राजधानी में बर्फबारी हटाने के काम के लिए भी मशीनें नहीं देने का फैसला लिया है। शहर में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने एक दर्जन से ज्यादा जेसीबी मशीनें बर्फ हटाने के काम के लिए ठेके पर ली हैं। अब यदि यह मशीनें नहीं मिलती हैं तो शहर में बर्फ हटाने का काम लटक सकता है। दोनों ही महकमों के पास अपनी इक्का दुक्का मशीनें हैं।
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यह निर्माण कार्य हो गए ठप
ठेकेदारों के काम बंद करने से शहर में कई निर्माण कार्य बंद हो गए हैं। सर्कुलर सड़क पर सड़क चौड़ी करने का काम शनिवार को बंद रहा। इसके अलावा रास्ते पक्के करने, सीढ़ियां बनाने, स्मार्ट सिटी से व्यावसायिक परिसर, बुक कैफे आदि के काम बंद रहे। हालांकि, बर्फबारी के चलते भी कई जगह काम नहीं हुआ है।
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शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन समेत लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की ओर से करवाए जा रहे निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। ठेकेदारों ने शनिवार से ही काम ठप कर दिया है। यही नहीं, बर्फ हटाने के लिए ठेकेदारों की ओर से दी गई जेसीबी मशीनें भी खड़ी कर दी हैं।
मांगों पर अड़े ठेकेदारों की शनिवार सुबह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ भी ओकओवर में बैठक हुई, लेकिन यह बेनतीजा ही रही। बैठक में लोक निर्माण विभाग और नगर निगम ठेकेदार यूनियन के पदाधिकारियों ने अपनी समस्याएं रखीं। यूनियन अध्यक्ष भूपेंद्र नरवाल ने कहा कि जीएसटी की दर 12 से 18 फीसदी होने से ठेकेदारों को नुकसान हो रहा है। सरकार इसे खत्म करे या फिर इसे निर्माणकार्य के एस्टिमेट में शामिल किया जाए। यूनियन ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले खनन पदार्थ पत्थर, रेता, बजरी आदि के लिए अनिवार्य किए गए एक्स और एम फार्म की औपचारिकता पर भी सवाल उठाए। कहा कि कई क्रशर मालिकों के पास यह फार्म नहीं है, जो क्रशर फार्म देते हैं, वह चार गाड़ी के अलग-अलग फार्म देने की बजाय एक ही फार्म देते हैं। इस शर्त को खत्म किया जाए और रायल्टी को दोबारा शुरू किया जाए। ठेकेदारों ने लोक निर्माण विभाग से सीमेंट की आपूर्ति करने की भी मांग उठाई है। अध्यक्ष के अनुसार मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना है और सोमवार तक इस पर कोई फैसला करने का आश्वासन दिया है। कहा कि जब तक कोई राहत भरा फैसला नहीं हो जाता, तब तक निर्माणकार्य ठप रहेंगे।
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बर्फ हटाने के लिए नहीं देंगे
मशीनें, बढ़ सकता है संकट
ठेकेदार यूनियन ने राजधानी में बर्फबारी हटाने के काम के लिए भी मशीनें नहीं देने का फैसला लिया है। शहर में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने एक दर्जन से ज्यादा जेसीबी मशीनें बर्फ हटाने के काम के लिए ठेके पर ली हैं। अब यदि यह मशीनें नहीं मिलती हैं तो शहर में बर्फ हटाने का काम लटक सकता है। दोनों ही महकमों के पास अपनी इक्का दुक्का मशीनें हैं।
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यह निर्माण कार्य हो गए ठप
ठेकेदारों के काम बंद करने से शहर में कई निर्माण कार्य बंद हो गए हैं। सर्कुलर सड़क पर सड़क चौड़ी करने का काम शनिवार को बंद रहा। इसके अलावा रास्ते पक्के करने, सीढ़ियां बनाने, स्मार्ट सिटी से व्यावसायिक परिसर, बुक कैफे आदि के काम बंद रहे। हालांकि, बर्फबारी के चलते भी कई जगह काम नहीं हुआ है।