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पूर्व सीएम वीरभद्र के खिलाफ थाने में दी शिकायत ली वापस
अमर उजाला ब्यूरो, रामपुर बुशहर
Updated Fri, 11 May 2018 09:22 AM IST
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पूर्व सीएम वीरभद्र के खिलाफ थाने में दी गई शिकायत वापस ले ली गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और परिवार के सदस्यों के खिलाफ पदम पैलेस महल में रह रहे उनके भतीजे के केयरटेकर ने अपनी शिकायत 17 घंटे बाद वापस ले ली है।
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यह केयरटेकर महल के एक हिस्से में पिछले कई सालों से रह रहा था और बुधवार को उसका सामान बाहर निकालने का आरोप लगाया गया था। केयरटेकर ने एक लिखित शिकायत रामपुर पुलिस थाना में दी थी, जिसे पुलिस ने रोजनामचे में भी चढ़ा दिया था।
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सूत्रों की मानें तो यह केयरटेकर पूर्व मुख्यमंत्री के भतीजे राजेश्वर ने पदम पैलेस में रखा हुआ था। पुलिस को दी गई शिकायत में केयरटेकर मस्त राम ने कहा है कि जब सामान महल से बाहर किया जा रहा था तो वह वहां मौजूद नहीं था। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचा और उस दौरान वहां पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद थे।
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चौकीदार रोशन लाल से भी पुलिस ने पूछताछ की
इस मामले को लेकर महल के चौकीदार रोशन लाल से भी पुलिस ने पूछताछ की है। रामपुर थाना प्रभारी रविंद्र नेगी ने कहा कि महल के केयरटेकर मस्त राम ने बुधवार की रात को लिखित शिकायत दी थी कि उसका सामान महल से बाहर कर दिया है।
इसके बाद इसे रोजनामचे में चढ़ा दिया गया। सुबह 11 बजे मस्त राम पत्र लेकर आया था और उसने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दी शिकायत वापस ले ली है।
नेगी का कहना है कि महल राजस्व रिकार्ड के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नाम है। उन्होंने एक आईओ शिमला में राजेश्वर के बयान दर्ज करने के लिए भेज था। वे अपना पक्ष वकील के माध्यम से शुक्रवार को रखेंगे। इसके बाद ही पुलिस अगला कदम उठाएगी।
इसके बाद इसे रोजनामचे में चढ़ा दिया गया। सुबह 11 बजे मस्त राम पत्र लेकर आया था और उसने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दी शिकायत वापस ले ली है।
नेगी का कहना है कि महल राजस्व रिकार्ड के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नाम है। उन्होंने एक आईओ शिमला में राजेश्वर के बयान दर्ज करने के लिए भेज था। वे अपना पक्ष वकील के माध्यम से शुक्रवार को रखेंगे। इसके बाद ही पुलिस अगला कदम उठाएगी।