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Shimla News: खट्टे-मीठे अनारदाने की खुशबू से महकी शहर की अनाज मंडी
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कम फसल के चलते 700 रुपये से 1,200 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा अनारदाना, अर्की, दाड़ला, शिमला के तत्तापानी में होता है अनारदाना
मंडी के करसोग तक से भी फसल बेचने पहुंच रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। औषधीय गुणों से भरपूर और खाने का जायका बढ़ाने वाले पहाड़ी अनारदाने को बेचने का सीजन शुरू हो गया है। राजधानी शिमला की अनाज मंडी में रोज दर्जनों किसान जंगली दाड़ू (अनार) के दाने बेचने के लिए पहुंच रहे हैं।
इन्हें छीलकर और सुखाकर अनारदाना तैयार किया जाता है। इस बार दाड़ू की फसल कम होने के कारण अनारदाना की आपूर्ति कम है। इससे किसानों को इसके अच्छे दाम मिल रहे हैं। उत्पाद की क्वालिटी के आधार पर किसानों को अभी 700 से 1,000 रुपये प्रति किलो तक के दाम मिल रहे हैं। अब तक अधिकतम 1,200 रुपये प्रति किलो तक की बोली लग चुकी है। सायर उत्सव के बाद मंडी में अनारदाना लेकर आने वाले किसानों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। मंडी में अनारदाना बेचने का यह सिलसिला दिवाली तक जारी रहेगा।
शिमला की अनाज मंडी में जिला सोलन के दाड़ला और अर्की, जिला शिमला के धामी, घणाहट्टी, दाड़गी, सुन्नी और बसंतपुर के साथ-साथ साथ लगते जिला मंडी के करसोग तक से किसान अनारदाना बेचने पहुंच रहे हैं। मंडी में वर्तमान में 8 से 10 कारोबारी अनारदाने की आढ़त का काम कर रहे हैं। रोज सुबह 10:00 से 11:30 बजे तक किसान अपना माल बेचने के लिए इनके पास पहुंचते हैं। माल की क्वालिटी देखकर बोली लगाई जाती है और इसके बाद अनारदाना बिकता है। अनाज मंडी की बिट्टू-बंटी आढ़त के मनीष कुमार ने बताया कि इस बार फसल कम होने से अनारदाना 700 से 1,000 रुपये या इससे अधिक के रेट पर बिक रहा है। आने वाले दिनों में यदि माल की आपूर्ति बढ़ती है तो अनारदाने के रेट कम भी हो सकते हैं, लेकिन इस बार किसानों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है।
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पंडित शिव नंद राम चंद राजा की आढ़त के साहिल शर्मा मग्गु ने बताया कि इस बार किसानों को अनारदाने के अच्छे दाम मिल रहे हैं। बरसात जारी रहने के कारण किसानों को अनारदाना सुखाने में दिक्कतें आ रही हैं। मौसम साफ होने के साथ ही बाजार में अनारदाने की आवक और बढ़ेगी और यह सिलसिला दिवाली तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अनारदाना अभी तक अधिकतम 1,200 रुपये प्रति किलो तक बिका है, जबकि औसत रेट करीब 700 रुपये है। काला अनारदाना 250 रुपये, सफेद 600 से 800 रुपये और लाल 1,100 से 1,200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
मिलाकर न लाएं अनारदाना
आढ़तियों का कहना है कि कई बार मंडी में सामान्य अनार और जंगली अनार (दाड़ू) के अनारदाना को मिलाकर भी लाया जाता है, लेकिन आढ़ती इस फर्क को आसानी से पहचान लेते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि दाड़ू का अनारदाना ग्रेड के हिसाब से अलग करके ही लेकर आएं। आढ़तियों ने किसानों को बिचौलियों के चक्कर में न पड़कर सीधे मंडी में आकर अनारदाना बेचने की सलाह दी है।
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मंडी के करसोग तक से भी फसल बेचने पहुंच रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। औषधीय गुणों से भरपूर और खाने का जायका बढ़ाने वाले पहाड़ी अनारदाने को बेचने का सीजन शुरू हो गया है। राजधानी शिमला की अनाज मंडी में रोज दर्जनों किसान जंगली दाड़ू (अनार) के दाने बेचने के लिए पहुंच रहे हैं।
इन्हें छीलकर और सुखाकर अनारदाना तैयार किया जाता है। इस बार दाड़ू की फसल कम होने के कारण अनारदाना की आपूर्ति कम है। इससे किसानों को इसके अच्छे दाम मिल रहे हैं। उत्पाद की क्वालिटी के आधार पर किसानों को अभी 700 से 1,000 रुपये प्रति किलो तक के दाम मिल रहे हैं। अब तक अधिकतम 1,200 रुपये प्रति किलो तक की बोली लग चुकी है। सायर उत्सव के बाद मंडी में अनारदाना लेकर आने वाले किसानों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। मंडी में अनारदाना बेचने का यह सिलसिला दिवाली तक जारी रहेगा।
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शिमला की अनाज मंडी में जिला सोलन के दाड़ला और अर्की, जिला शिमला के धामी, घणाहट्टी, दाड़गी, सुन्नी और बसंतपुर के साथ-साथ साथ लगते जिला मंडी के करसोग तक से किसान अनारदाना बेचने पहुंच रहे हैं। मंडी में वर्तमान में 8 से 10 कारोबारी अनारदाने की आढ़त का काम कर रहे हैं। रोज सुबह 10:00 से 11:30 बजे तक किसान अपना माल बेचने के लिए इनके पास पहुंचते हैं। माल की क्वालिटी देखकर बोली लगाई जाती है और इसके बाद अनारदाना बिकता है। अनाज मंडी की बिट्टू-बंटी आढ़त के मनीष कुमार ने बताया कि इस बार फसल कम होने से अनारदाना 700 से 1,000 रुपये या इससे अधिक के रेट पर बिक रहा है। आने वाले दिनों में यदि माल की आपूर्ति बढ़ती है तो अनारदाने के रेट कम भी हो सकते हैं, लेकिन इस बार किसानों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है।
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पंडित शिव नंद राम चंद राजा की आढ़त के साहिल शर्मा मग्गु ने बताया कि इस बार किसानों को अनारदाने के अच्छे दाम मिल रहे हैं। बरसात जारी रहने के कारण किसानों को अनारदाना सुखाने में दिक्कतें आ रही हैं। मौसम साफ होने के साथ ही बाजार में अनारदाने की आवक और बढ़ेगी और यह सिलसिला दिवाली तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अनारदाना अभी तक अधिकतम 1,200 रुपये प्रति किलो तक बिका है, जबकि औसत रेट करीब 700 रुपये है। काला अनारदाना 250 रुपये, सफेद 600 से 800 रुपये और लाल 1,100 से 1,200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
मिलाकर न लाएं अनारदाना
आढ़तियों का कहना है कि कई बार मंडी में सामान्य अनार और जंगली अनार (दाड़ू) के अनारदाना को मिलाकर भी लाया जाता है, लेकिन आढ़ती इस फर्क को आसानी से पहचान लेते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि दाड़ू का अनारदाना ग्रेड के हिसाब से अलग करके ही लेकर आएं। आढ़तियों ने किसानों को बिचौलियों के चक्कर में न पड़कर सीधे मंडी में आकर अनारदाना बेचने की सलाह दी है।