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Shimla News: कैथोलिक चर्च में 124 साल पुराना पाइप ऑर्गन फिर सुनाएगा मधुर धुनें
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एक्सक्लूसिव खबर
ब्रिटिश शासनकाल के दौरान साल 1901 में किया था स्थापित, 70 साल से था खराब, अब किया कारीगरों ने ठीक
कोलकाता से मंगाए गए ऑर्गन के स्पेयर पार्टस
दीक्षा सरोय
शिमला। राजधानी के कैथेड्रल कैथोलिक चर्च शिमला में अब 124 साल बाद पुराने पाइप ऑर्गन से मधुर संगीत गूंजेगा। इस ऐतिहासिक चर्च में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान वर्ष 1901 में पाइप आर्गन लगया गया था लेकिन 70 साल से यह खराब पड़ा था। अब इसे दुरुस्त कर दिया है।
पाइप आर्गन एक विशाल वाद्य यंत्र होता जो दबाव वाली हवा को विभिन्न आकार के पाइपों से गुजारकर ध्वनि पैदा करता है। सात दशकों तक इस चर्च में कई पादरी आए लेकिन इसे ठक नहीं करवा पाए। आखिरकार अब इस पाइप ऑर्गन की मरम्मत हो गई है। चर्च में रविवार को पहली प्रार्थना में सुबह साढ़े दस बजे इस पाइप ऑर्गन की ध्वनि गूंजेगी। इस ऑर्गन की मरम्मत के लिए जो स्पेयर पार्ट्स लगने थे वह भारत में सिर्फ कोलकाता में ही मिलते हैं। इसके लिए चर्च के पादरी एंटनी डेक्सन ने पहल की और कोलकाता के तपन दास से इसके पार्ट मंगवाए। इससे पहले चर्च में लंबे समय तक पाइप ऑर्गन की मोटर का मरम्मत कार्य चला था।
पार्ट आने के छह महीने बाद कारीगरों विक्टर डीन और बाजेल डीन ने इसका मरम्मत कार्य पूरा किया। अब इस पाइप ऑर्गन के दोबारा उद्घाटन पर चर्च में ऐतिहासिक और भावपूर्ण ध्वनि सुनाई देगी। इसका उद्घाटन बिशप ऑफ शिमला चंडीगढ़ डायसिस डॉ. सहया थाथियस करेंगे। चर्च के पादरी एंटनी डेक्सन ने बताया कि सात दशकों से सन्नाटे में रहे इस ऑर्गन ने अब अपनी ध्वनि को दोबारा प्राप्त कर लिया है जिससे चर्च में धार्मिक समृद्धि आएगी। इससे प्रार्थना के समय हर बार उनका धार्मिक संगीत गूंजेगा। क्रिसमस पर भी यह भक्तों के लिए अच्छा तोहफा रहेगा।
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1884 में हुआ था चर्च का निर्माण
कैथेड्रल कैथोलिक चर्च राजधानी की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। इसका निर्माण साल 1884 में हुआ था। शिमला आने वाले सैलानी क्राइस्ट चर्च के साथ इस चर्च में भी जाना नहीं भूलते। नियमित रखरखाव के चलते इस ऐतिहासिक धरोहर की चमक आज भी कायम है।
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ब्रिटिश शासनकाल के दौरान साल 1901 में किया था स्थापित, 70 साल से था खराब, अब किया कारीगरों ने ठीक
कोलकाता से मंगाए गए ऑर्गन के स्पेयर पार्टस
दीक्षा सरोय
शिमला। राजधानी के कैथेड्रल कैथोलिक चर्च शिमला में अब 124 साल बाद पुराने पाइप ऑर्गन से मधुर संगीत गूंजेगा। इस ऐतिहासिक चर्च में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान वर्ष 1901 में पाइप आर्गन लगया गया था लेकिन 70 साल से यह खराब पड़ा था। अब इसे दुरुस्त कर दिया है।
पाइप आर्गन एक विशाल वाद्य यंत्र होता जो दबाव वाली हवा को विभिन्न आकार के पाइपों से गुजारकर ध्वनि पैदा करता है। सात दशकों तक इस चर्च में कई पादरी आए लेकिन इसे ठक नहीं करवा पाए। आखिरकार अब इस पाइप ऑर्गन की मरम्मत हो गई है। चर्च में रविवार को पहली प्रार्थना में सुबह साढ़े दस बजे इस पाइप ऑर्गन की ध्वनि गूंजेगी। इस ऑर्गन की मरम्मत के लिए जो स्पेयर पार्ट्स लगने थे वह भारत में सिर्फ कोलकाता में ही मिलते हैं। इसके लिए चर्च के पादरी एंटनी डेक्सन ने पहल की और कोलकाता के तपन दास से इसके पार्ट मंगवाए। इससे पहले चर्च में लंबे समय तक पाइप ऑर्गन की मोटर का मरम्मत कार्य चला था।
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पार्ट आने के छह महीने बाद कारीगरों विक्टर डीन और बाजेल डीन ने इसका मरम्मत कार्य पूरा किया। अब इस पाइप ऑर्गन के दोबारा उद्घाटन पर चर्च में ऐतिहासिक और भावपूर्ण ध्वनि सुनाई देगी। इसका उद्घाटन बिशप ऑफ शिमला चंडीगढ़ डायसिस डॉ. सहया थाथियस करेंगे। चर्च के पादरी एंटनी डेक्सन ने बताया कि सात दशकों से सन्नाटे में रहे इस ऑर्गन ने अब अपनी ध्वनि को दोबारा प्राप्त कर लिया है जिससे चर्च में धार्मिक समृद्धि आएगी। इससे प्रार्थना के समय हर बार उनका धार्मिक संगीत गूंजेगा। क्रिसमस पर भी यह भक्तों के लिए अच्छा तोहफा रहेगा।
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1884 में हुआ था चर्च का निर्माण
कैथेड्रल कैथोलिक चर्च राजधानी की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। इसका निर्माण साल 1884 में हुआ था। शिमला आने वाले सैलानी क्राइस्ट चर्च के साथ इस चर्च में भी जाना नहीं भूलते। नियमित रखरखाव के चलते इस ऐतिहासिक धरोहर की चमक आज भी कायम है।