टेली मेडिसन सेवा से प्रदेश में मिलेगा एम्स का इलाज
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टांडा मेडिकल कॉलेज में अब एम्स और पीजीआई स्तर का इलाज संभव होगा। टीएमसी में अब टेली मेडिसन सेवा शुरू की जा रही है। इसके शुरू होने से एम्स और पीजीआई में इलाज करवा रहे मरीजों को अब बार-बार प्रदेश से बाहर बड़े अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा।
इतना ही नहीं, ऐसे मरीज जिनका इलाज देश के किसी भी बड़े अस्पताल में चल रहा है, वे टीएमसी में अपनी पर्ची दिखाकर अपना उपचार करवा सकेंगे। अब एम्स और पीजीआई के विशेषज्ञ चिकित्सक जटिल बीमारियों पर अपनी सलाह देंगे। इससे सीरियस मरीज को मौके पर उपचार टीएमसी में ही मिल जाएगा।
मरीज टीएमसी में टेली मेडिसन के माध्यम से बाहरी राज्यों में बैठे चिकित्सकों को अपना हाल बताकर और वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपना चेकअप करवाकर आगामी उपचार ले सकेंगे। टेली मेडिसन सेवा जुलाई माह से शुरू की जा रही है।
टीएमसी से जुड़ेंगे देश के अस्पताल
टेली मेडिसन सेवा से टीएमसी से देशभर के अस्पताल जुड़ेंगे। टेलीफोन और वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बाहरी राज्यों के चिकित्सकों से संपर्क साधा जाएगा। मरीज का बाहरी राज्यों में जिस भी अस्पताल में इलाज चल रहा है, संबंधित चिकित्सक से टीएमसी के विशेषज्ञ सलाह लेंगे और आगामी उपचार शुरू करेंगे।
टांडा मेडिकल कॉलेज में टेली मेडिसन सेवा शुरू की जा रही है। इस सेवा से बाहरी राज्यों में उपचार करवा रहे मरीज लाभान्वित होंगे। ऑनलाइन बाहरी राज्यों के चिकित्सकों से संपर्क कर मरीजों का इलाज टीएमसी में ही हो जाएगा। इससे हजारों मरीजों को लाभ मिलेगा। -डॉ. अनिल चौहान, प्राचार्य, टीएमसी