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Diabetes Day 2024: हिमाचल में किशोर भी मधुमेह की चपेट में, महिलाओं से पुरुष ज्यादा

Thu, 14 Nov 2024 11:08 AM IST
Krishan Singh सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 14 Nov 2024 11:08 AM IST
सार

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल में मधुमेह के मामलों की तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। 

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Teens in Himachal are also affected by diabetes, men are more than women
डायबिटीज - फोटो : Freepik.com

विस्तार

प्रदेश में मधुमेह की बीमारी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई है। इस बीमारी की चपेट में बड़े ही नहीं बल्कि युवा और किशोर भी आ रहे हैं।राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल में मधुमेह के मामलों की तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। लोगों पर किए सर्वे के अनुसार हिमाचल के 15 वर्ष से अधिक आयु की लगभग 13.9 फीसदी महिलाएं और 14.7 फीसदी पुरुषों में मधुमेह है। आंकड़े बताते हैं कि पुरुषों में मधुमेह की दर महिलाओं के मुकाबले अधिक है। यह समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हिमाचल में तेजी से शहरीकरण हो रहा है।  लोग पारंपरिक जीवनशैली से हटकर आधुनिक, आरामदायक जीवनशैली अपना रहे हैं। खाने में जंक फूड, फास्ट फूड और अधिक शुगर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ गया है।

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अधिक मात्रा में तले-भुने, नमकीन, और मीठे खाद्य पदार्थ न केवल वजन बढ़ाने का कारण बन रहे हैं बल्कि ब्लड शुगर को भी प्रभावित कर रहे है। आंकड़ों के अनुसार महिलाओं में लगभग 6.4 फीसदी और पुरुषों में 6.8 फीसदी ब्लड शुगर स्तर उच्च श्रेणी में पाया गया।  इसके अलावा 6.4 फीसदी महिलाओं और 6.7 फीसदी पुरुषों का शुगर स्तर बहुत उच्च पाया गया है। वहीं नौकरी, परिवार और व्यक्तिगत समस्याओं के कारण लोग तनाव में रहते हैं तथा यह तनाव शरीर में हार्मोनल असंतुलन को जन्म देता है, जिससे ब्लड शुगर का   स्तर बढ़ जाता है। अध्ययन से पता चला है कि 35 से 60 वर्ष की आयु वाले लोग मधुमेह से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इस उम्र में लोग कॅरिअर और पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त होते हैं और इसके चलते वह अपनी सेहत का पूरा ध्यान नहीं रख पाते। 

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ये भी मुधमेह के कारण
स्मार्टफोन, टीवी और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग ने लोगों के जीवन में शारीरिक गतिविधियों के लिए समय कम कर दिया है। बच्चों और युवाओं का अधिकांश समय स्क्रीन के सामने बीतता है, जिससे उनकी शारीरिक गतिविधियां घट गई हैं। कार्यालयों में बैठे-बैठे काम करने वाले लोग भी मधुमेह की चपेट में आ रहे हैं।

प्रदेश में दो साल में 15 फीसदी बढ़े मामले
प्रदेश में 2022 से 2024 के बीच मधुमेह के मामलों में 10 से 15 फीसदी वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है। आईजीएमसी के एंडोक्रायोनोलॉजी ओपीडी में आए 200 मधुमेह रोगियों पर सर्वे किया गया है। यह सर्वे डॉ. मनीष ठाकुर और डॉ. अमित सचदेवा ने किया है। इसमें सामने आया कि ों69 फीसदी लोग इसके जोखिमों से अनजान थे। 51 फीसदी ने मधुमेह का पारिवारिक इतिहास बताया।

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मधुमेह से बचाव के उपाय
आईजीएमसी में मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने कहा कि मधुमेह से बचाव और नियंत्रण के लिए नियमित योग करें, सैर, साइकिल चलाएं, फाइबर, प्रोटीन, और साबुत अनाज का सेवन करें, ध्यान, और प्राणायाम से मानसिक तनाव को कम करें, पर्याप्त नींद लें , धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।

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