{"_id":"65449b565e6a3a66d6029e67","slug":"technomac-scam-news-enforcement-directorate-attached-property-worth-rs-21-crore-in-odisha-2023-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"टेक्नोमेक घोटाला: ईडी की कार्रवाई, ओडिशा में 21 करोड़ की संपत्ति अटैच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टेक्नोमेक घोटाला: ईडी की कार्रवाई, ओडिशा में 21 करोड़ की संपत्ति अटैच
Fri, 03 Nov 2023 02:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 03 Nov 2023 02:18 PM IST
सार
आरोप है कि मैसर्स आईटीसीओएल के निदेशक ने विभिन्न सरकारी कर्मचारियों, कंपनियों और सीए के साथ मिलकर बैंकों के ऋण लेकर उसे हड़प लिया।
विज्ञापन
टेक्नोमेक कंपनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने मैसर्स इंडियन टेक्नोमेक कंपनी लिमिटेड (आईटीसीओएल) और अन्य की ओर से बैंक धोखाधड़ी मामले में में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत 21.15 करोड़ रुपये की 18 संपत्तियां को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इनमें ओडिशा के बारबिल में 7 प्लॉट और फ्लैट, खोरधा में 6 प्लॉट और कटक में 1 आवासीय फ्लैट और भुवेनश्वर में शामिल 4 अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
विज्ञापन
ये सभी संपत्तियां मैसर्स अनमोल लिमिटेड की हैं। मैसर्स आईटीसीओएल और इसके प्रमोटरों के खिलाफ हिमाचल सीआईडी ने मामला दर्ज किया है। इसके आधार पर ईडी कार्रवाई अमल में ला रही है। आरोप है कि मैसर्स आईटीसीओएल के निदेशक ने विभिन्न सरकारी कर्मचारियों, कंपनियों और सीए के साथ मिलकर बैंकों के ऋण लेकर उसे हड़प लिया।
विज्ञापन
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि मैसर्स आईटीसीओएल ने वर्ष 2009 से लेकर 2013 तक बैंक अधिकारियों के समक्ष फर्जी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करके शेल कंपनियों के नाम पर फर्जी ब्रिकी दिखाकर बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के संघ से ऋण प्राप्त किया और जिस उद्देश्य के लिए कर्ज लिया गया, उसका उस उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया गया। ऐसे में ईडी ने जांच में मिले साक्ष्य के आधार पर ये कार्रवाई अमल में लाई है। ईडी मामले की जांच के तहत अब तक 310.06 करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुकी है।
विज्ञापन