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2175 करोड़ का चूना लगाने वाली टेक्नोमैक कंपनी का एक और खुलासा

Wed, 14 Mar 2018 01:00 PM IST
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Wed, 14 Mar 2018 01:00 PM IST
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Technomac 2175 crore rupee fraud

राज्य सरकार को 2175.51 करोड़ रुपये के टैक्स का चूना लगाने वाली इंडियन टेक्नोमैक कंपनी का कारोबार हिमाचल या भारत ही ही नहीं विदेशों में भी फैला है। आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से जुटाई गई जानकारी में लगभग 40 से अधिक कंपनियों का खुलासा हुआ है।

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सूत्र बताते हैं कि सरकार इन कंपनियों के माध्यम से अपने टैक्स की रिकवरी कर सकती है। लेकिन, इसके लिए मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पास जाना जरूरी है। इसी मकसद से कालाअंब थाना में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद ही मामला ईडी को सौंपा जा सकता है।
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सूत्रों की मानें तो आबकारी एवं कराधान विभाग ने रेवन्यू एक्ट 1890 के तहत टेक्नोमैक कंपनी के राज्य से बाहर की संपत्तियों की जानकारी जुटाई है। कंपनी की ग्रुप प्रोफाइल खंगालने के बाद आबकारी एवं कराधान विभाग ने अलग-अलग नाम से चल रही इसी ग्रुप की कई कंपनियां चिन्हित की हैं। 
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हांगकांग, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका और दुबई में भी कंपनियों के असेस्ट्स हैं। राज्य सरकार के राजस्व की उगाही इन्हीं कंपनियों से हो सकती है। पुलिस थाना में आपराधिक मामला दर्ज करवाना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

कई नोटिस भेजे लेकिन नहीं हो पाई रिकवरी

Technomac 2175 crore rupee fraud

आबकारी एवं कराधान विभाग ने कंपनी के डायरेक्टरों को कई नोटिस भेजे हैं, लेकिन, रिकवरी नहीं हो पाई। सीआईडी ने भी मामला दर्ज किया है। सीआईडी बिजली बोर्ड की फसी राशि की जांच कर रही है। वर्ष 2017 में आबकारी विभाग ने मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया। 

इंडियन टेक्रोमैक की देश में विभिन्न कंपनियां हैं। करीब 40 असेस्ट्स चिन्हित किए गए हैं। इनके माध्यम से रिकवरी की जानी है। मामला ईडी या सीबीआई के पास जाने के बाद ही यह संभव हो सकेगा। ईडी को वहीं मामले सौंपते जा सकते हैं, जिसमें एफआईआर दर्ज हो। लिहाजा, यह एफआईआर दर्ज हुई है। - जीडी ठाकुर, सहायक आयुक्त आबकारी एवं कराधान विभाग

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