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फर्जी डिग्री मामला: आरोपी शिक्षकों को नोटिस देकर थाने में तलब करेगी विजिलेंस
Thu, 14 Oct 2021 01:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 14 Oct 2021 01:31 PM IST
सार
विजिलेंस को शक है कि प्रदेश में और लोग भी हो सकते हैं जिन्होंने मगध विश्वविद्यालय के नाम पर इस तरह की जाली डिग्रियां और सर्टिफिकेट्स प्राप्त किए हैं। फर्जी डिग्रियां लेकर इन 17 लोगों में कुछेक स्कूल प्रिंसिपल तो कुछ स्कूल लेक्चरर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
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राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फर्जी डिग्रियां लेकर हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे डेढ़ दर्जन शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नौकरी से बर्खास्त होने के साथ ही कई सालों तक सरकारी खजाने से वेतन के रूप में प्राप्त की गई मोटी रकम की रिकवरी की चिंता भी इन शिक्षकों को सताने लगी है। बिहार के मगध विश्वविद्यालय से 17 डिग्रियों के जाली होने की पुष्टि होने के बाद अब राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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इस कड़ी में अब सबसे पहले स्कूल प्रिंसिपल समेत इन सभी 17 शिक्षकों को नोटिस भेजने की तैयारी है। नोटिस के माध्यम से इन शिक्षकों को विजिलेंस थाना तलब कर कड़ी पूछताछ होगी। विजिलेंस ने इन सभी कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी कर सरकारी नौकरी हथियाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। विजिलेंस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अगर मगध विश्वविद्यालय ने इन्हें ये डिग्रियां नहीं दी हैं, तो आरोपी लोगों ने यह फर्जी डिग्रियां कहां से प्राप्त की हैं। इसके पीछे कौन गिरोह हो सकता है, इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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विजिलेंस को शक है कि प्रदेश में और लोग भी हो सकते हैं जिन्होंने मगध विश्वविद्यालय के नाम पर इस तरह की जाली डिग्रियां और सर्टिफिकेट्स प्राप्त किए हैं। फर्जी डिग्रियां लेकर इन 17 लोगों में कुछेक स्कूल प्रिंसिपल तो कुछ स्कूल लेक्चरर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। विजिलेंस की ओर से की जा रही इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में भी खासी चर्चा हो रही है। उधर, डीएसपी लालमन शर्मा ने बताया कि फर्जी डिग्री मामले में कार्रवाई जारी है। लेकिन मामला काफी गंभीर होने के कारण वह इस मामले में कुछ नहीं बोल सकते। इस बारे में उच्चाधिकारी ही बयान दे सकते हैं।