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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Teachers day: felicitation ceremony in Shimla, Governor and other guests refused to be felicitated

Himachal: राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में नवाजे 39 शिक्षक, 32 को राज्य स्तरीय, 7 को उत्कृष्टता प्रमाणपत्र

Fri, 05 Sep 2025 11:56 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 05 Sep 2025 11:56 AM IST
सार

शिक्षक दिवस समारोह में प्रदेश में आई आपदा के चलते राज्यपाल ने सम्मानित होने से इन्कार किया। इस दाैरान मुख्य अतिथियों को सम्मानित करने की प्रक्रिया को भी रोका गया।

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Teachers day: felicitation ceremony in Shimla, Governor and other guests refused to be felicitated
शिमला में शिक्षक सम्मान समारोह - फोटो : संवाद

विस्तार

राजधानी शिमला के होटल पीटरहॉफ में शुक्रवार को राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह हुआ। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने 39 शिक्षकों सम्मानित किया। 32 को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार और सात को उत्कृष्टता प्रमाणपत्र देकर नवाजा गया। पहली बार कॉलेज और तकनीकी शिक्षकों को भी पुरस्कार दिए गए। 26 स्कूल शिक्षकों, 6 कॉलेज और छह तकनीकी शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के तहत प्रशस्तिपत्र, एक विशेष मेडल और नौकरी में एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया। पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता चंबा जिले के विशेष रूप से सक्षम शिक्षक सुनील कुमार को भी राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रदेश में भारी बारिश के चलते हुए जानमाल के नुकसान को देखते हुए राज्यपाल ने सम्मानित होने से इन्कार कर दिया। दो मिनट का शोक भी रखा गया। आपदा प्रभावित कुल्लू जिले के दौरे के चलते मुख्यमंत्री समारोह में शामिल नहीं हो सके।

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राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण, नशे की रोकथाम और भारतीयता का पाठ भी विद्यार्थियों को पढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं रोकने के लिए स्कूल स्तर से ही विद्यार्थियों को पर्यावरण मित्र बनाने काम काम होना चाहिए। पांगी में अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं। सेना की मदद से सरकार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा रूख अपनाया है। नदियों में लकड़ियां बह रही हैं। पर्यावरण को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। राजभवन की ओर से भी प्रभावित परिवारों कों हेलिकाप्टर के माध्यम से राशन भेजा गया है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के ध्वजवाहक हैं। गुरु की प्रधानता परमात्मा से भी अधिक आंकी गई है।

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राज्यपाल ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षण केवल पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का पवित्र दायित्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक ही सशक्त भारत की नींव हैं। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि वर्तमान में 17,330 स्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 14.25 लाख छात्र और 1.02 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। कुछ श्रेणियों में शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं आने के कारण चयन नहीं हो सका। इस अवसर पर राज्यपाल ने एक स्मारिका का भी विमोचन किया। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। समारोह में पोर्टमोर और टुटू स्कूल की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
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बच्चों में सुधार लाने को पिटाई करते हैं शिक्षक
राज्यपाल ने कहा कि पहले के समय जब बच्चों की स्कूल में पिटाई होती थी तो वो घर पर नहीं बताते थे। घर पर मामला बताने पर और पिटाई होती थी। अब समय बदला है, बच्चों को स्कूल में पिटने पर एफआईआर दर्ज हो जाती है। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में सुधार लाने के लिए शिक्षक पिटाई करते हैं। इसके अलावा उनका कोई हित नहीं होता।
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