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विभाग के फरमान से भड़के शिक्षक संघ, बोले-नारी का सम्मान करेंगे, शपथ नहीं लेंगे

Tue, 26 Sep 2017 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 26 Sep 2017 10:31 PM IST
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teacher unions opposed the order of himachal education directorate

स्कूलों की प्रार्थना सभा में रोजाना नारी सम्मान की शपथ लेने के आदेशों पर शिक्षक संघ भड़क उठे हैं। शिक्षक संगठनों ने उच्च शिक्षा निदेशालय के आदेशों को शिक्षकों को बेइज्जत करने वाला बताया है।  संगठनों ने महिला आयोग और शिक्षा निदेशालय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रोजाना शपथ लेने के आदेशों को तुगलकी फरमान बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की है।

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राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा है कि शिक्षक सदियों से समाज को नई दिशा दे रहे हैं। आज उन्हें शपथ लेने के लिए मजबूर किया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि महिला आयोग के ये आदेश जानबूझ कर उत्तेजित करने वाले हैं। महिला और पुरुष अध्यापकों के बीच इन आदेशों से हीन भावना आएगी।
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वीरेंद्र चौहान ने कहा कि शिक्षकों के लिए बच्चा भगवान से कम नहीं होता है। शिक्षकों की भावना कभी गलत नहीं होती। मनोविकार वाले विशेष शिक्षकों में ही गलत भावना आती है। इनके कुकृत्यों के चलते पूरे शिक्षक वर्ग को अपमानित होना पड़ रहा है। 
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उन्होंने कहा कि रोजाना शपथ के आदेश पुरुषों को नीचा दिखाने वाले हैं। यह तुगलगी फरमान है। इन आदेशों से महिला आयोग की सोच में ही खोट नजर आ रहा है। इससे लिंग भेद की खाई डाली जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शपथ का कोई औचित्य नहीं है। उच्च शिक्षा निदेशक ने भी इस संदर्भ में किसी से संघ से चर्चा ना कर फैसला लेकर गलत किया है। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक नारियों का सम्मान करते हैं लेकिन रोजाना शपथ के आदेशों का पालन नहीं करेंगे। 

उधर, प्रदेश स्नातकोत्तर अध्यापक संघ के अध्यक्ष चितरंजन काल्टा ने प्रार्थना सभा में शपथ लेने का विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि निदेशालय इस तरह के आदेश जारी कर शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न करने जा रहा है। विद्यालय में सभी शिक्षक एक समान हैं। 

सभी विद्यार्थियों को समान रूप से देखा जाता है। ऐसे आदेश जारी करना समानता के अधिकार का हनन है। संघ के प्रेस सचिव मोहन शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष शर्मा, महासचिव देसराज कटवाल, उपाध्यक्ष कर्म चंद ठाकुर, विनोद बंसल सहित कई अन्य ने कहा है कि इस संदर्भ में कानूनी राय ली जा रही है। निदेशालय ने जल्द ही अगर आदेश वापस नहीं लिए तो कानूनी कार्रवाई करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।

स्कूल की कमेटी पर होगा स्कूली बच्चों की सुरक्षा का जिम्मा

teacher unions opposed the order of himachal education directorate

प्रदेश के निजी और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा का जिम्मा 15 सदस्यों की कमेटी पर होगा। हाईकोर्ट के आदेशों के पालन में जुटे प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर स्कूलों में कमेटियों का गठन करने को कहा है।

कमेटियों में शिक्षकों सहित स्कूल के वरिष्ठ विद्यार्थी शामिल होंगे। स्कूलों में आने वाले बच्चों को टैक्सियों से उतारने-चढ़ाने का जिम्मा स्कूल प्रबंधन कमेटी तय करेगी। कमेटियों को बच्चों को लेकर स्कूल में आने वाली ओवरलोड गाड़ियाें और टैक्सी चालकों पर भी नजर रखनी होगी।

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