सूबे में अब नई दवा से होगा टीबी मरीजों का इलाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे को 2021 तक टीबी रोग मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब नई दवा से मरीजों का इलाज करेगा। मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के तहत प्रथम चरण में मेडिकल कॉलेज टांडा और सोलन जिला के धर्मपुर टीबी अस्पताल में 17 एमडीआर स्टेज के मरीजों का उपचार नई दवा से होगा।
एक एमडीआर मरीज पर 20 लाख रुपये तक की दवा खर्च होगी। नई दवाई की मरीज को हर दिन एक खुराक लेनी होगी। एक डोज की कीमत 10 हजार रुपये है। दवा का पूरा खर्च मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के तहत किया जाएगा।
टीबी रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आरके बारिया ने कहा कि 17 एमडीआर मरीजों को टीबी रोग की नई दवा बीडाक्विलिन की खुराक दी जा रही है।बीडाक्विलिन की एक गोली की कीमत 10 हजार रुपये है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इन 17 एमडीआर मरीजों को फ्री में उपलब्ध करवाएगा।
उल्लेखनीय है कि बीडाक्विलिन की गोली एमडीआर मरीजों को 9 से 12 महीने तक लगातार लेनी होगी। इस दवाई को लेने से एमडीआर मरीज की ज्यादा ठीक होने की संभावना है।
इस दवाई को शुरू करने से पहले दो सप्ताह मरीज को अस्पताल में दाखिल किया जाएगा। इसके अलावा हर महीने ईसीजी होगा। वैसे एमडीआर मरीजों को 24 से 27 महीने लगातार दवाई की खुराकें लेनी पड़ती हैं।