स्वाइन फ्लू का कहर, हिमाचल में तीसरी मौत
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हिमाचल में स्वाइन फ्लू जानलेवा होता जा रहा है। पिछले पांच दिनों के भीतर तीसरी मौत होने से सनसनी फैल गई है। वीरवार को आईजीएमसी शिमला में स्वाइन फ्लू से पीड़ित बिलासपुर के झंडूता निवासी 66 वर्षीय मरीज की मौत हो गई।
इसके अलावा तीन अन्य मरीजों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव पाई गई है। इसमें दो महिलाएं शिमला सिटी की जबकि एक महिला सोलन निवासी है। इनका आईजीएमसी में उपचार चल रहा है। वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ रमेश ने इसकी पुष्टि की है।
हिमाचल में स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 16 पहुंच गई है जबकि 59 मरीज संदिग्ध पाए गए हैं। उनका इलाज चल रहा है। आईजीएमसी शिमला में ही स्वाइन फ्लू से पीड़ित दूसरे मरीज की मौत हो गई है। इससे पहले सोलन के एक युवक की मौत हो चुकी है। मरने वालों में एक कांगड़ा जिले का रहने वाला था।
प्रदेश में पुख्ता इंतजामः सीएम
उधर, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू से निपटने के पुख्ता इंतजाम हैं। इसके लिए सभी अस्पतालों और अन्य संस्थानों को अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वाइन फ्लू पर पूरी तरह नजर रखे हुए है। सभी प्रकार की तैयारियां कर ली गई हैं।
वहीं, आईजीएमसी में संदिग्ध मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। हल्का सा जुकाम होने पर भी लोग मुंह में मास्क लगाकर अस्पताल का रुख कर रहे हैं। वीरवार को शिमला में सात सैंपल लिए गए थे, इनमें से चार मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव और तीन की निगेटिव पाई गई है।
प्रदेश भर से लिए गए सात अन्य सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। उधर, हमीरपुर में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि जल्द ही यहां सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू टेस्ट की मशीन स्थापित की जाएगी।
स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं पकड़ पा रहे डॉक्टर
स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने पहले से कोई तैयारी नहीं की थी। ऐसा होता तो शायद मरीजों की जान बच जाती। डाक्टर पहली नजर में यह पहचानने में भी नाकाम रहे हैं कि मरीजों को स्वाइन फ्लू है या नहीं।
सोलन और बिलासपुर में जिन मरीजों की मौत हुई हैं वे इसके ताजा उदाहरण हैं। शिमला के चौपाल में रहने वाली महिला भी डीडीयू अस्पताल में दाखिल रहीं लेकिन यहां के डाक्टर भी महिला में स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं पहचान पाए। पहले से ट्रेनिंग होती तो शायद मरीज इस स्टेज तक नहीं पहुंचते।
सीएमओ डा. दिलीप कंवर ने कहा कि चौपाल की रहने वाली महिला की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। वह चौपाल से शिमला आई। यहां इधर-उधर इलाज करती रहीं। इसके बाद डीडीयू अस्पताल में दाखिल हुई। यहां से उसने ऐच्छिक डिस्चार्ज ले लिया। सुधार नहीं आया तो वह आईजीएमसी गई। वहां इसका टेस्ट हुआ और स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इसके घर में महिला समेत चार लोग हैं।
शिमला में भी स्वाइन फ्लू की दस्तक
वहीं, शिमला शहर में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। संजौली और भराड़ी की रहने वाली दो महिलाओं की सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। वीरवार को इसके खुलासे के बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। महिलाओं के परिजनों को एहतियात के तौर पर दवाएं दे दी गई हैं। आस पड़ोस के लोगों को भी सतर्क किया है। महिलाओं को आईजीएमसी अस्पताल में दाखिल कर दिया है।
प्रबंधन का दावा है कि महिलाओं की हालत खतरे से बाहर है और इनका उपचार चल रहा है। आम लोगों को घबराने की नहीं बल्कि सतर्कता बरतने की जरूरत है। शिमला में बाहरी राज्यों से पर्यटकों का आना जारी है। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य महकमे की ओर से चेकिंग के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
डाक्टरों का दावा है कि स्वाइन फ्लू का वायरस वातावरण में घुल चुका है। इस वजह से लोग स्वाइन फ्लू का शिकार होने लगे हैं। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि शहर की दो महिलाओं में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं। इनका उपचार चल रहा है।
20 हजार टैमी फ्लू कैप्सूल का आर्डर
प्रदेश सरकार ने 20 हजार स्वाइन फ्लू की दवा (टैमी फ्लू) का ताजा आर्डर किया है। वीरवार को प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पीसी धीमान ने सचिवालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक के बाद यह फैसला किया।
उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि प्रदेश के हर मरीज को प्राथमिकता के आधार पर स्वाइन फ्लू की दवाएं मुहैया कराई जाएं। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर शुक्रवार को स्वाइन फ्लू को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे।