{"_id":"6ad620688e1cc82d890d7d9a","slug":"sweets-prices-skyrocket-expiry-date-remains-hidden-shimla-news-c-19-sml1002-806618-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: मिठाइयों के दाम आसमान पर, एक्सपायरी डेट पर पर्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: मिठाइयों के दाम आसमान पर, एक्सपायरी डेट पर पर्दा
विज्ञापन
400 से 700 रुपये किलो तक बिक रहीं मिठाइयां
कॉमन इंट्रो
शहर के बाजारों में मिठाइयों के निर्माण और एक्सपायरी डेट की जानकारी दुकानों पर चस्पां नहीं की जा रही। शहर की प्रतिष्ठित दुकानों के संचालक नियमों की जमकर अनदेखी कर रहे हैं। दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संवाददाता ने सोमवार को बाजारों का दौरा किया तो अधिकांश दुकानों में मिठाइयों के निर्माण और उनकी एक्सपायरी डेट की जानकारी नहीं मिली। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट:-
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बाजारों में मिठाइयों की कीमतें जहां आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी ओर कई दुकानदार मिठाइयों के निर्माण और एक्सपायरी डेट की जानकारी प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को यह पता नहीं चल पा रहा है कि मिठाई कितनी पुरानी है और उसका सेवन कब तक सुरक्षित है। वहीं खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शहर के लोअर बाजार से लेकर शेरे पंजाब तक कई प्रतिष्ठित मिठाइयों की दुकानें हैं। इन दुकानों से रोजाना हजारों लोग मिठाइयां खरीदते हैं, लेकिन कई दुकानों पर उन्हें मिठाइयों के निर्माण और सेवन की सुरक्षित अवधि से संबंधित जानकारी नहीं मिल रही। शहर की कई दुकानों पर मिठाइयों के साथ निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जानकारी देने वाली सूची नहीं लगी है। कुछ दुकानों पर सूची लगी है लेकिन वह पूरी तरह खाली है। दुकानों में गुलाब जामुन, रसगुल्ले, काजू बर्फी, काजू कतली, पेड़े समेत कई तरह की मिठाइयां बिक रही हैं। इनकी कीमतें 400 से 700 रुपये प्रति किलो तक हैं। दुकानदार आधा किलो और एक किलो के हिसाब से मिठाइयां बेच रहे हैं, लेकिन ग्राहक यह नहीं जान पा रहे हैं कि खरीदी जा रही मिठाई कितनी पुरानी है।
विज्ञापन
लोअर बाजार और शेरे पंजाब के पास खरीदारी करने आईं विनीता अग्रवाल, प्रिया, सुरेश कुमार और विनय ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग तरह की मिठाइयां खरीदी हैं, लेकिन काउंटर पर रखी मिठाइयों के निर्माण और एक्सपायरी की तारीख की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने मांग की कि विभाग नियमों का कड़ाई से पालन करवाए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो। राजधानी में इन दिनों नवरात्र का त्योहार चल रहा है। इसके बाद करवाचौथ, दिवाली जैसे त्योहार आने वाले हैं। ऐसे में बाजारों में खरीदारी बढ़ने के साथ मिठाइयों की मांग भी बढ़ी है। लोग घरों में इस्तेमाल के साथ रिश्तेदारों और परिचितों को देने के लिए मिठाइयां खरीदते हैं।
नियमों के पालन पर उठ रहे सवाल
खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के तहत पैक की गई खाद्य सामग्री पर लागू प्रावधानों के अनुसार जरूरी तारीखों और अन्य जानकारियों का उल्लेख करना होता है। वहीं खुली मिठाइयों के मामले में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्देशों के अनुसार मिठाई के निर्माण और इसकी एक्सपायरी डेट प्रदर्शित करना जरूरी है। इसके बावजूद बाजार की कई दुकानों पर जरूरी जानकारी प्रदर्शित नहीं होने से नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। बाजार की एक प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान पर मिठाई के निर्माण और एक्सपायरी से संबंधित पर्ची लगी थी लेकिन उसमें तारीखों का उल्लेख नहीं था। इस बारे में दुकान संचालक और कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से उन्हें इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
दुकानों का किया जा रहा औचक निरीक्षण
त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग ने विशेष अभियान चलाया है, जो लगातार जारी रहेगा। इस अभियान के तहत टीमें दुकानों में जाकर मिठाइयों की जांच कर रही हैं। संदेहास्पद खाद्य सामग्री मिलने पर उसे नष्ट भी करवाया जा रहा है। लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। इन दिनों मिठाइयों में रंगों का अधिक इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए लोगों को भी जागरूक रहना चाहिए।
-डॉ. विजया, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग
विज्ञापन
कॉमन इंट्रो
शहर के बाजारों में मिठाइयों के निर्माण और एक्सपायरी डेट की जानकारी दुकानों पर चस्पां नहीं की जा रही। शहर की प्रतिष्ठित दुकानों के संचालक नियमों की जमकर अनदेखी कर रहे हैं। दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संवाददाता ने सोमवार को बाजारों का दौरा किया तो अधिकांश दुकानों में मिठाइयों के निर्माण और उनकी एक्सपायरी डेट की जानकारी नहीं मिली। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट:-
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बाजारों में मिठाइयों की कीमतें जहां आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी ओर कई दुकानदार मिठाइयों के निर्माण और एक्सपायरी डेट की जानकारी प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को यह पता नहीं चल पा रहा है कि मिठाई कितनी पुरानी है और उसका सेवन कब तक सुरक्षित है। वहीं खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
शहर के लोअर बाजार से लेकर शेरे पंजाब तक कई प्रतिष्ठित मिठाइयों की दुकानें हैं। इन दुकानों से रोजाना हजारों लोग मिठाइयां खरीदते हैं, लेकिन कई दुकानों पर उन्हें मिठाइयों के निर्माण और सेवन की सुरक्षित अवधि से संबंधित जानकारी नहीं मिल रही। शहर की कई दुकानों पर मिठाइयों के साथ निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जानकारी देने वाली सूची नहीं लगी है। कुछ दुकानों पर सूची लगी है लेकिन वह पूरी तरह खाली है। दुकानों में गुलाब जामुन, रसगुल्ले, काजू बर्फी, काजू कतली, पेड़े समेत कई तरह की मिठाइयां बिक रही हैं। इनकी कीमतें 400 से 700 रुपये प्रति किलो तक हैं। दुकानदार आधा किलो और एक किलो के हिसाब से मिठाइयां बेच रहे हैं, लेकिन ग्राहक यह नहीं जान पा रहे हैं कि खरीदी जा रही मिठाई कितनी पुरानी है।
विज्ञापन
लोअर बाजार और शेरे पंजाब के पास खरीदारी करने आईं विनीता अग्रवाल, प्रिया, सुरेश कुमार और विनय ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग तरह की मिठाइयां खरीदी हैं, लेकिन काउंटर पर रखी मिठाइयों के निर्माण और एक्सपायरी की तारीख की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने मांग की कि विभाग नियमों का कड़ाई से पालन करवाए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो। राजधानी में इन दिनों नवरात्र का त्योहार चल रहा है। इसके बाद करवाचौथ, दिवाली जैसे त्योहार आने वाले हैं। ऐसे में बाजारों में खरीदारी बढ़ने के साथ मिठाइयों की मांग भी बढ़ी है। लोग घरों में इस्तेमाल के साथ रिश्तेदारों और परिचितों को देने के लिए मिठाइयां खरीदते हैं।
नियमों के पालन पर उठ रहे सवाल
खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के तहत पैक की गई खाद्य सामग्री पर लागू प्रावधानों के अनुसार जरूरी तारीखों और अन्य जानकारियों का उल्लेख करना होता है। वहीं खुली मिठाइयों के मामले में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्देशों के अनुसार मिठाई के निर्माण और इसकी एक्सपायरी डेट प्रदर्शित करना जरूरी है। इसके बावजूद बाजार की कई दुकानों पर जरूरी जानकारी प्रदर्शित नहीं होने से नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। बाजार की एक प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान पर मिठाई के निर्माण और एक्सपायरी से संबंधित पर्ची लगी थी लेकिन उसमें तारीखों का उल्लेख नहीं था। इस बारे में दुकान संचालक और कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से उन्हें इस संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
दुकानों का किया जा रहा औचक निरीक्षण
त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग ने विशेष अभियान चलाया है, जो लगातार जारी रहेगा। इस अभियान के तहत टीमें दुकानों में जाकर मिठाइयों की जांच कर रही हैं। संदेहास्पद खाद्य सामग्री मिलने पर उसे नष्ट भी करवाया जा रहा है। लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। इन दिनों मिठाइयों में रंगों का अधिक इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए लोगों को भी जागरूक रहना चाहिए।
-डॉ. विजया, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग