हिमाचल: पांचवीं के छात्रों को मिलेगी स्वर्ण जयंती मिडिल मेरिट छात्रवृत्ति
स्वर्ण जयंती मिडिल मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा की प्रदेश समन्वयक रजनी सांख्यान ने बताया कि परीक्षा में योग्यता के आधार पर तीन वर्षों के लिए कक्षा छठी से आठवीं तक के 100 विद्यार्थियों को प्रति माह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष स्वर्ण जयंती मिडिल मेरिट छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। छात्रवृत्ति के लिए एससीईआरटी 27 फरवरी को पांचवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों की परीक्षा लेगा। इसके लिए 520 परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। परीक्षा में मेरिट में आने वाले 100 विद्यार्थियों को तीन वर्षों के लिए स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। परीक्षा में आवेदन करने के लिए एससीईआरटी की ओर से सभी शिक्षा विभाग के उपनिदेशकों को पत्र भी जारी कर दिया है। विद्यार्थियों के स्कूलों में ही आवेदन पत्र भरे जाएंगे। सभी जिलों में पांचवीं कक्षा के 60 हजार विद्यार्थी शामिल हैं।
परीक्षा के लिए शिक्षा विभाग के जिला प्रभारियों को तीन से 15 जनवरी तक आवेदन पत्रों को ऑफलाइन जमा करना होगा। 24 जनवरी तक ऑनलाइन डाटा जमा किया जाएगा। जानकारी के अनुसार यह योजना पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रारंभिक स्तर पर प्रतिभा की पहचान और पोषण करने के लिए शुरू की है। हिमाचल प्रदेश एसजेएमएमएम परीक्षा की चरण प्रक्रिया में चयनित मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। बच्चों की सुविधा के लिए हर शिक्षा खंड में तीन से पांच सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में ये परीक्षा ली जाएगी।
प्रति माह मिलेंगे चार से छह हजार रुपये
स्वर्ण जयंती मिडिल मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा की प्रदेश समन्वयक रजनी सांख्यान ने बताया कि परीक्षा में योग्यता के आधार पर तीन वर्षों के लिए कक्षा छठी से आठवीं तक के 100 विद्यार्थियों को प्रति माह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसमें कक्षा छठी के चार हजार प्रति माह, सातवीं कक्षा में पांच हजार प्रति माह और आठवीं कक्षा में छह हजार प्रति माह प्रदान किया जाएगा।
सभी जिला के शिक्षा उपनिदेशकों को भेजा पत्र
प्रिंसिपल एससीईआरटी सोलन रीटा शर्मा ने बताया कि छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र भेजे जा रहे हैं। परीक्षा के लिए अध्यापक ही बच्चों के आवेदन पत्र भरवाएंगे। इसके बाद इसे संबंधित सीएचटी को भेजेंगे। सीएचटी इसकी जांच के बाद इसे ऑनलाइन अपलोड करेंगे।