स्वच्छता में देश के 4203 शहरों में शिमला को मिला ये रैंक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के 4203 शहरों में करवाए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में राजधानी शिमला को इस बार 144वां स्थान मिला है। शनिवार को घोषित टॉप 500 शहरों की सूची में जगह बनाते हुए शिमला ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
हालांकि, पिछले साल 47वें नंबर पर रहने वाला शिमला शहर इस बार रैंकिंग में टॉप सौ शहरों की सूची से बाहर हो गया, लेकिन प्रतिशतता सूची में बड़े सुधार के साथ टॉप के 3.5 फीसदी शहरों की सूची में जगह बना ली।
पिछले साल यह सर्वेक्षण महज 434 शहरों में करवाया गया था। इसमें शहर को 47वां स्थान मिला था। प्रतिशतता सूची के हिसाब से शिमला की रैंकिंग में भारी सुधार हुआ है। साल 2017 में शिमला टॉप 10.82 फीसदी शहरों की सूची में शामिल था।
इस बार टॉप की 3.5 फीसदी शहरों की सूची में जगह बनाई है। साल 2016 में कुल 73 शहरों की सूची में शिमला शहर को 27वां रैंक मिला था। नगर निगम आयुक्त रोहित जम्वाल ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में चार हजार से अधिक शहरों के बावजूद शिमला को 144वां रैंक मिला है।
महापौर बोलीं- शिमला को और निखारेंगे
महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने का श्रेय शहरवासियों और सफाई कर्मचारियों को जाता है। कहा कि देश के चार हजार से अधिक शहरों में टॉप 150 में जगह बनाना खुशी की बात है। कोशिश रहेगी कि अगली बार हम टॉप 100 शहरों में शामिल हों। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अफसर नीरज मोहन ने कहा कि प्रदेश में हम पहले नंबर पर रहे हैं।
इन शहरों को पछाड़ने में कामयाब रहा शिमला- शिमला शहर अमृतसर (208) और दार्जिलिंग (461) जैसे शहरों को पछाड़ने में भी कामयाब रहा। प्रदेश का कोई भी शहर टॉप 500 शहरों में जगह नहीं बना पाया है। निगम ने शहर को अब खुला शौचमुक्त करने का भी दावा किया है। यदि पहले ऐसा होता तो रैंकिंग में और सुधार हो जाता।