बिलासपुर-लेह रेललाइन का सर्वे 30 सितंबर तक होगा पूरा, टीम ने मंडी में डाला डेरा
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सामरिक महत्व वाली बिलासपुर-मनाली लेह रेललाइन के रडार सर्वेक्षण का शेष तीस फीसदी काम पूरा करने की कवायद तेज हो गई है। पहले दो चरणों में लेह से मनाली तक का सत्तर फीसदी सर्वे पूरा हो चुका है। रेलवे विभाग के विशेषज्ञों ने हेलीकॉप्टर से होने वाले सर्वेक्षण के लिए मंडी और सुंदनगर के हैलीपेड को ट्रांजिट प्वाइंट बनाया है। तीस सितंबर तक सर्वे पूरा किया जाएगा। अगले 12 दिन तक बिलासपुर से मनाली तक हेलीकॉप्टर से सर्वे होगा। उत्तर रेलवे के चीफ इंजीनियर भी शुक्रवार शाम को मंडी पहुंच चुके हैं।
वहीं इस टीम में तुर्की के विशेषज्ञों को भी शामिल होना था, लेकिन कोविड के चलते वह नहीं आ सके। अब भारत में अन्य रेलवे प्रोजेक्टों में काम कर रहे तुर्की के विशेषज्ञों से इस प्रोजेक्ट को लेकर राय भी ली जाएगी। उधर, कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी रोहतांग टनल के शुभारंभ पर बिलासपुर मनाली लेह रेललाइन का निर्माण कब पूरा होगा, इसकी डेडलाइन की घोषणा कर सकते हैं।
15 अगस्त तक लेह से मनाली तक का हो चुका है सर्वे
15 अगस्त तक लेह की तरफ से उतर रेलवे की टीम मनाली तक सर्वे कर चुकी है। सत्तर फीसदी सर्वे पूरा किया जा चुका है। अब तीस फीसदी सर्वे बिलासपुर से मनाली के बीच सर्वे होने जा रहा है। टीम के उप मुख्य अभियंता सर्वे और निर्माण सुजीत कुमार ने कहा कि लेह-उपसी- तंगलंगला, तंगलंगला-पांग-सरचू व सरचू-जिस्पा-सिसू-मनाली तक एरियल सर्वे पूरा हो चुका है और अब केवल मनाली से बिलासपुर के बीच 30 सितंबर तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य है।
कोविड 19 के निर्देशों की पालना के निर्देश
डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि 30 सितंबर तक बिलासपुर से मनाली तक हेलीकाप्टर से सर्वे होगा और इसके लिए उतर रेलवे ने हेलीकाप्टर लैंडिंग की अनुमति मांगी है।
सांसद रामस्वरूप ने कहा कि लेह तक सामरिक महत्व के इस रेल प्रोजेक्ट के लिए पिछले वर्ष ही केंद्रीय मंत्री की ओर से लेह में नींव रखी जा चुकी है। अब बिलासपुर की तरफ से रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे होने जा रहा है।
कोविड-19 के तहत जारी एसओपी के चलते सर्वे टीम प्रदेश में नहीं आ सकी, लेकिन अब बॉर्डर खोले जाने के बाद कल से सर्वे शुरू हो जाएगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्वयं अधिकारियों को सहयोग के निर्देश दे चुके हैं।