{"_id":"5ca5daecbdec221454120f68","slug":"suresh-bhardwaj-targets-congress-over-election-manifesto","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस की देशद्रोही मानसिकता का जवाब अब जनता देगी: भारद्वाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस की देशद्रोही मानसिकता का जवाब अब जनता देगी: भारद्वाज
Thu, 04 Apr 2019 03:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 04 Apr 2019 03:52 PM IST
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में की घोषणाओं से खूनी पंजे वाला असली चरित्र उजागर हो गया है। भारद्वाज ने कांग्रेस घोषणापत्र पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय लोकसभा के लिए नहीं बल्कि पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली के लिए तैयार किया गया घोषणापत्र है।
विज्ञापन
कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए को हटाना, कश्मीर से एएफएसपीए को समाप्त करने और भारतीय सीमाओं पर भारतीय सैनिकों की संख्या कम करने जैसे कांग्रेस के घोषणापत्र के वायदों ने कांग्रेस पार्टी को जनता की अदालत में खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस की देशद्रोही मानसिकता का जवाब अब लोकसभा चुनाव में जनता देगी और देश में कांग्रेस का समूल नाश कर देगी। कहा कि कांग्रेस घोषणापत्र ने साबित कर दिया है कि कश्मीर की समस्या वास्तव में कांग्रेस की ही देन है और उनकी इसी मानसिकता ने 1947 में भारत माता के टुकड़े करके पाकिस्तान जैसे नासूर को पैदा किया था।
विज्ञापन
भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस ने 55 साल से अधिक समय से देश पर राज किया, लेकिन हमेशा जनता के साथ धोखा ही किया है। कहा कि 1952 से लेकर लगातार कांग्रेस गरीबी हटाओ का नारा लगाती रही है।
आज एक बार फिर गरीबों की जेब में पैसा डालने का ख्वाब दिखा रही है। कांग्रेस के राज में हमेशा पैसा कांग्रेस के नेताओं की तिजोरियों में ही जाता रहा है। भारद्वाज ने कहा कि देश में बेरोजगारी की समस्या वास्तव में कांग्रेस की ही देन है और सबसे अधिक बेरोजगारी यूपीए सरकार के शासनकाल में बढ़ी है।