सरकारी स्कूलों में दूसरी कक्षा से शुरू होगा संस्कृत विषय: भारद्वाज
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दूसरी कक्षा से संस्कृत विषय शुरू किया जाएगा। इसके लिए सरकार योजना बना रही है। अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने पहली बार यह एलान किया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्य सरकार संस्कृत को बढ़ावा दे रही है।
इसके लिए दसवीं कक्षा तक संस्कृत को अनिवार्य विषय बना दिया गया है। जल्द ही दूसरी कक्षा से संस्कृत विषय को शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि संस्कृत के अलावा योग और संगीत विषय को भी बड़े स्तर पर शुरू करने के लिए सरकार प्रयासरत है।
जल्द ही इस बाबत पूरा प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा। अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए शिक्षा मंत्री ने भविष्य में भी कड़ी लगन से पढ़ाई करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ज्ञान प्राप्ति है। गुरु के बिना ज्ञान प्राप्त नहीं होता। गुरु भगवान से ऊपर होता है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को गुरुओं के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा कि पुरस्कार वितरण के दौरान जब छात्र-छात्राओं से पूछा गया तो सिर्फ चार बच्चों ने शिक्षक बनने की बात कही। बीते साल भी बच्चों ने इसी तरह की प्रतिक्रिया दी थी।
उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं में शिक्षक बनने की इच्छा कम होना चिंतनीय है। इसको लेकर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा भवन सीसीटीवी से जोड़ दिए गए हैं व गुणवत्ता शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है।
सूबे के 52 फीसदी युवाओं का नशे की चपेट में आना चिंतनीय
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश के 52 फीसदी युवा नशाखोरी की चपेट में आ गए हैं। प्रदेश के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है। नशे के कारोबार पर लगाम लगाना सिर्फ पुलिस का काम नहीं रह गया है। इसके लिए पूरे समाज को जागरूक होना होगा।
अभिभावकों का इसमें सबसे अधिक सहयोग अपेक्षित है। अभिभावकों को नशे की चपेट में जा रहे युवाओं को रोकने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि एक फीसदी नंबर भी कम आ जाए तो पेरेंट्स दबाव बनाते हैं।
इससे बच्चा नशे की ओर चला जाता है। अगर नशे की प्रवृत्ति को जल्द नहीं रोका गया तो वो दिन दूर नहीं जब हिमाचल भी पंजाब बन जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल केरल के बाद शिक्षा के क्षेत्र में दूसरे नंबर पर है। पेरेंट्स व शिक्षकों को नशे के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होना होगा।
इसके लिए स्कूलों और घरों में बच्चों को नैतिक कक्षा देनी होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नशे पर रोकथाम लगाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। नए भारत के निर्माण के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। देेवभूमि को बचाने के लिए सभी को एक साथ आकर नशे से लड़ना होगा।