सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत, अब धार्मिक आयोजनों में दी जा सकेगी पशु बलि
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2014 को कुल्लू दशहरे से पूर्व प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से पशु बलि पर लगाई रोक पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है। अब कानून के दायरे में धार्मिक आयोजनों में पशु बलि दी जा सकेगी। वीरवार को कुल्लू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए याचिकाकर्ता कुल्लू सदर के विधायक एवं भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि दस अप्रैल को पारित
आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कानून के दायरे में पशु बलि करने को कहा है। कोर्ट के आदेशानुसार पशु बलि को नगर परिषद, नगर पंचायत तथा पंचायत स्थान चिन्हित करेगी। महेश्वर सिंह की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। 10 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिए हैं।
चार दीवारी में होगी बलि प्रथा
महेश्वर सिंह ने कहा कि इसके लिए उन्होंने दो साल का संघर्ष किया है। इसमें देवी-देवता कारदार संघ कुल्लू और मंडी का आर्थिक रूप से पूरा सहयोग मिला है। वहीं, मामले को लेकर प्रदेश सरकार ने भी उनका पूरा साथ दिया है और एडवोकेट जनरल ने कोर्ट में पूरा पक्ष रखा। आने वाले दशहरा पर्व में चारदीवारी लगाकर बलि प्रथा का निर्वहन किया जाएगा। महेश्वर सिंह ने अब सुप्रीम कोर्ट से स्थायी राहत मिलने की भी उम्मीद जताई है।
गोर हो कि 2014 को प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल में पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद महेश्वर सिंह ने रीति-रिवाज और परंपरा का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उधर, जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने पशु बलि पर अंतरिम राहत देने पर सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है।